# अंकशास्त्र से कुंडली मिलान | Kundli (Horoscope) Matching by Numerology

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- Published: 2015-10-18T18:26:27+05:30
- Author: Astrologer Sidharth

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### **अंकशास्त्र से कुंडली मिलान**

### **Kundli (Horoscope) Matching by Numerology**

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अंकशास्त्र (Numerology) में नामांक, मूलांक (Date Number) और भाग्यांक (Destiny Number)
के आधार पर फलादेश होना चाहिए और विवाह के संदर्भ में भी इन्हीं तीन प्रकार के अंकों
के बीच सम्बन्ध देख लेने चाहिए। अंक ज्योंतिष अपने नाम के अनुसार अंक पर आधारित है।

अंक शास्त्र के अनुसार सृष्टि के सभी गोचर और अगोचर तत्वों का अपना एक निश्चत अंक होता
है। अंकों के बीच जब तालमेल नहीं होता है, तब वे अशुभ या विपरीत परिणाम देते हैं। अगर
वर और वधू के अंक आपस में मेल खाते हैं तो विवाह हो सकता है। अगर अंक मेल नहीं खाते
हैं तो इसका उपाय करना होता है, ताकि अंकों के मध्य मधुर सम्बन्ध स्थापित हो सके। Kundli
Matching

[वैदिक ज्योतिष](https://theastrologyonline.com/vedic-astrologer-in-india/) एवं उसके
समानांतर चलने वाली ज्योतिष विधाओं में वर वधु के वैवाहिक जीवन का आकलन करने के लिए
जिस प्रकार से **कुण्डली मिलान ** (**Kundli Matching**)से गुण मिलाये जाते हैं, ठीक
उसी प्रकार अंकशास्त्र में अंकों को मिलाकर वर वधू के वैवाहिक जीवन का आकलन करना चाहिए।

## वर-वधू का गुण मिलान | Kundli Matching

अंकशास्त्र में वर एवं वधू के वैवाहिक गुण मिलान के लिए, अंकशास्त्र के प्रमुख तीन 
अंकों में से नामांक ज्ञात करना चाहिए। नामांक ज्ञात करने के लिए दोनों के नामों को
अंग्रेजी के अलग-अलग लिखें। नाम लिखने के बाद सभी अक्षरों के अंकों को जोड़ें।

इससे नामांक ज्ञात हो जाएगा। ध्यान रखने योग्य तथ्य यह है कि अगर मूलक 9 से अधिक हो
तो योग से प्राप्त संख्या को दो भागों में बांटकर पुन: योग कर लें। इस प्रकार जो अंक
आएगा, वह नामांक होगा। उदाहरण के लिए मान लीजिए कि योग 32 आए तो 3+2=5. वर का अंक 5
हो और कन्या का अंक 8 हो तो दोनों के बीच सहयोगात्मक सम्बन्ध रहेगा, अंकशास्त्र का 
यह नियम है।

वर-वधू के नामांक का फल-अंकशास्त्र के नियम के अनुसार अगर वर का नामांक 1 है और वधू
का नामांक भी एक है तो दोनों में समान भावना एवं प्रतिस्पर्धा रहेगी, जिससे पारिवारिक
जीवन में कलह की स्थिति होगी। कन्या का नामांक 2 होने पर किसी कारण से दोनों के बीच
तनाव की स्थिति बनी रहती है। **Kundli Matching**

वर 1 नामांक का हो और कन्या तीन नामांक की तो उत्तम रहता है। दोनों के बीच प्रेम और
परस्पर सहयोगात्मक सम्बन्ध रहता है। कन्या 4 नामांक की होने पर पति-पत्नी के बीच अकारण
विवाद होता रहता है और गृहस्थी में अशांति रहती है। पंचम नामांक की कन्या के साथ गृहस्थ
जीवन सुखमय रहता है।

सप्तम और नवम नामांक की कन्या भी 1 नामांक के वर के साथ सुखमय वैवाहिक जीवन का आनन्द
लेती है, जबकि षष्टम और अष्टम नामांक की कन्या और 1 नामांक का वर होने पर वैवाहिक जीवन
के सुख में कमी आती है।

वर का नामांक 2 हो और कन्या 1 व 7 नामांक की हो, तब वैवाहिक जीवन के सुख में बाधा आती
है। 2 नामांक का वर इन दो नामांक की कन्या के अलावा अन्य नामांक वाली कन्या के साथ 
विवाह करता है तो वैवाहिक जीवन आनन्दमय और सुखमय रहता है। **Kundli Matching**

## Kundli Matching by Numerology

तीन नामांक की कन्या हो और वर 2 नामांक का हो तो जीवन सुखी होता है, परंतु सुख-दुख 
धूपछांव की तरह होता है। वर 3 नामांक का हो और कन्या तीन, चार अथवा पांच नामांक की 
हो तब अंकशास्त्र के अनुसार वैवाहिक जीवन उत्तम नहीं रहता है। नामांक तीन का वर और 
7 की कन्या होने पर वैवाहिक जीवन में सुख दु:ख लगा रहता है।

अन्य नामांक की कन्या का विवाह 3 नामांक के पुरूष से होता है तो पति-पत्नी सुखी और 
आनन्दित रहते हैं।

4 अंक का पुरूष हो और कन्या 2, 4, 5 अंक की हो, तब गृहस्थ जीवन उत्तम रहता है। चतुर्थ
वर और षष्टम या अष्टम कन्या होने पर वैवाहिक जीवन में अधिक परेशानी नहीं आती है। 4 
अंक के वर की शादी इन अंकों के अलावा अन्य अंक की कन्या से होने पर गृहस्थ जीवन में
परेशानी आती है।

5 नामांक के वर के लिए 1, 2, 5, 6, 8 नामांक की कन्या उत्तम रहती है। चतुर्थ और सप्तम
नामांक की कन्या से साथ गृहस्थ जीवन मिला जुला रहता है, जबकि अन्य नामांक की कन्या 
होने पर गृहस्थ सुख में कमी आती है। षष्टम नामांक के वर के लिए 1एवं 6 अंक की कन्या
से विवाह उत्तम होता है।

3, 5, 7, 8 एवं 9 नामांक की कन्या के साथ गृहस्थ जीवन सामान्य रहता है और 2 एवं चार
नामांक की कन्या के साथ उत्तम वैवाहिक जीवन नहीं रह पाता।

वर का नामांक 7 होने पर कन्या अगर 1, 3, 6, नामांक की होती है तो पति-पत्नी के बीच 
प्रेम और सहयोगात्मक सम्बन्ध होता है। कन्या अगर 5, 8 अथवा 9 नामंक की होती है, तब 
वैवाहिक जीवन में थोड़ी बहुत परेशानियां आती है, परंतु सब सामान्य रहता है।

अन्य नामांक की कन्या होने पर पति-पत्नी के बीच प्रेम और सहयोगात्मक सम्बन्ध नहीं रह
पाता है। आठ नामांक का वर 5, 6 अथवा 7 नामांक की कन्या के साथ विवाह करता है तो दोनों
सुखी होते हैं। 2 अथवा 3 नामांक की कन्या से विवाह करता है तो वैवाहिक जीवन सामान्य
बना रहता है, जबकि अन्य नामांक की कन्या से विवाह करता है तो परेशानी आती है। **Kundli
Matching**

9 नामांक के वर के लिए 1, 2, 3, 6 एवं 9 नामांक की कन्या उत्तम होती है ,जबकि 5 एवं
7 नामांक की कन्या सामान्य होती है। 9 नामांक के वर के लिए 4 और 8 नामांक की कन्या 
से विवाह करना अंकशास्त्र की दृष्टि से शुभ नही होता है।

**लेखक- शिप्रा द्विवेदी**
