# महाबली करें मुश्किलों का अंत lord hanuman for solving problems

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- Published: 2016-07-27T16:57:41+05:30
- Author: Astrologer Sidharth

## महाबली करें मुश्किलों का अंत lord hanuman for solving problems

हालांकि मजबूत इच्छाशक्ति के लोग बिना पैरों के भी जीवन को सफल बना लेते हैं। धर्मग्रंथों
में भी वामन अवतार, अंगद का पैर जमाना, श्रीराम का अहिल्या उद्धार जैसे अनेक प्रसंगों
में चरण यानी पैर ही कल्याणकारी, दंभ को तोडऩे वाले या पावनता का प्रतीक बने।

यही कारण है कि जीवन को सफल बनाने की कोशिशों में यही पैर न डगमगा जाएं और बिन बाधाओं
के आगे बढ़ते रहें, इस भावना के साथ हिन्दू धर्म शास्त्रों में इंसानी मन व जीवन के
ज्ञान-विज्ञान को समझते हुए हुए सुबह जागने पर पैरों को जमीन पर रखते समय मंत्र विशेष
द्वारा देव स्मरण का महत्व बताया गया है। ताकि देवकृपा से हर कदम सुरक्षित और कामयाबी
की मंजिल तक पहुंचने वाला हो।

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रुद्रावतार श्री हनुमान को महाबली भी पुकारा जाता है। उनका यह नाम मात्र उनके वज्र 
के समान बलवान शरीर या अनेक शक्तियों के स्वामी होने के कारण ही नहीं, बल्कि युग-युगान्तर
से जारी हनुमान भक्ति और उनके प्रति आस्था का वह प्रभाव भी है, जो भक्तों को तन, मन
और धन से सबल बनाती आ रही है।

श्री हनुमान भक्ति में विश्वास और आस्था को बल देने वाले ही ऐसे 5 मंत्र यहां बताए 
जा रहे हैं। चूंकि मानव जीवन भी उतार-चढ़ाव से भरा है, जिसमें दु:ख और सुख आते जाते
हैं। इसलिए हर इंसान सुखों की चाहत और दु:खों से बचने के लिए देव उपासना करता है। ऐसे
संकट, मुसीबतों और दु:खों से बचने के लिए ही श्री हनुमान के ये मंत्र अचूक माने गए 
हैं।

शनिवार के दिन श्री हनुमान की उपासना में इन मंत्रों का जप और भी असरदार होता है। क्योंकि
शास्त्रों में हनुमान भक्ति ग्रहदोष शांति खासतौर पर शनि दशा के बुरे प्रभाव से बचने
के लिए बहुत ही शुभ मानी गई है। इसलिए जानें महाबली हनुमान के इन मंत्रों और श्री हनुमान
पूजा की सरल विधि-

शनिवार के दिन सुबह स्नान करें। इस दिन शरीर, बोल और आचरण की पवित्रता का खास ध्यान
रखें। देवालय या हनुमान मंदिर में श्री हनुमान की प्रतिमा पर चमेली का तेल और सिंदूर
चढ़ाकर गंध, अक्षत, लाल फूल, श्रीफल यानी नारियल अर्पित करें। गुग्गल धूप लगाकर लाल
आसन पर बैठकर इन हनुमान मंत्रो का जप करें-

ॐ बलसिद्धिकराय नम:
 ॐ वज्रकायाय नम: ॐ महावीराय नम: ॐ रक्षोविध्वंसकाराय नम: ॐ सर्वरोगहराय
नम:

मंत्र जप के बाद यथा संभव श्री हनुमान चालीसा पाठ का पाठ करें। श्री हनुमान की दीप 
आरती करें। पूजा, मंत्र जप और आरती के दौरान हुए जाने-अनजाने दोषों के लिए क्षमा प्रार्थना
कर सारी परेशानियों और चिंतामुक्ति के लिए कामना करें। धार्मिक मान्यता है कि श्री 
हनुमान के इन पांच मंत्रों के असर से रोग, शोक, दोष का अंत हो जाता है।

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## पाएं धन व शौहरत

वर्तमान समय में धन इंसान की सबसे बड़ी व महत्वपूर्ण आवश्यकता बन गया है। सभी चाहते
हैं कि उन पर लक्ष्मी की कृपा हो। उनके पास जो लक्ष्मी आए वो उन्हें कभी छोड़कर ना 
जाए और घर हमेशा धन धान्य से पूर्ण हो, यदि आप भी यही चाहते हैं तो नीचे लिखे लक्ष्मी
प्राप्ति के मंत्र का विधि-विधानपूर्वक जप करने से आप भी मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त
कर सकते हैं। इस मंत्र से धन-दौलत व शौहरत सभी कुछ पाया जा सकता है। रामरक्षा स्तोत्र
का लक्ष्मीदायक यह मंत्र धन प्राप्ति के लिए बहुत लाभदायक है।

> **मंत्र-आपदाम अपहर्तारम् दातारम् सर्व संपदाम्।**
>  **लोकाभिरामम् श्री रामम् भूयो-
> भूयो नमाम्यहम्।।**

जप विधि-सुबह जल्दी उठकर सर्वप्रथम स्नान आदि नित्य कर्म से निवृत्त होकर साफ वस्त्र
पहनें। इसके बाद अपने माता-पिता, गुरु, इष्ट व कुल देवता को नमन कर कुश का आसन ग्रहण
करें। माता लक्ष्मी की प्रतिमा का पूजन कर इस मंत्र का 5 माला जप करें। जप के लिए स्फटिक
या कमल गट्टे की माला का प्रयोग करें।

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## हर दिन किस्मत देगी साथ

ज्योतिष में सप्ताह के सात दिनों की प्रकृति और स्वभाव बताए गए हैं। इन सात दिनों पर
ग्रहों का अपना प्रभाव होता है। अगर आप इन दिनों की प्रकृति और स्वभाव के अनुसार कार्यों
को करें तो जरूर आपकी किस्मत साथ देगी। निश्चित ही हर काम में सफलता मिलेगी। अगर आपके
सोचे हुए काम पूरे नही होते या उनका कोई परिणाम नही मिलता तो आप उन कार्यों को पुराणों,
मुहूर्त ग्रंथों और फलति ज्योतिष ग्रंथों के अनुसार बताए गए वार को करें। आप जरूर सफल
होंगे।

**रविवार-** यह सूर्य देव का वार माना गया है। इस दिन नवीन गृह प्रवेश और सरकारी कार्य
करना चाहिए। सोने के आभूषण और तांबे की वस्तुओं का क्रय विक्रय करना चाहिए या इन धातुओं
के आभूषण पहनना चाहिए।

**सोमवार-** सरकारी नौकरी वालों के लिए पद ग्रहण करने के लिए यह दिन बहुत महत्वपूर्ण
है। गृह शुभारम्भ, कृषि, लेखन कार्य और दूध, घी व तरल पदार्थों का क्रय विक्रय करना
इस दिन फायदेमंद हो सकता है।

**मंगलवार-** मंगल देव के इस दिन विवाद एवं मुकद्दमे से संबंधित कार्य करने चाहिए। 
शस्त्र अभ्यास, शौर्य और पराक्रम के कार्य इस दिन करने से उस कार्य में सफलता मिलती
है। मेडिकल से संबंधित कार्य और आपरेशन इस दिन करने से सफलता मिलती है। बिजली और अग्नि
से संबधित कार्य इस दिन करें तो जरूर लाभ मिलेगा। सभी प्रकार की धातुओं का क्रय विक्रय
करना चाहिए।

**बुधवार-** इस दिन यात्रा करना, मध्यस्थता करना, दलाली, योजना बनाना आदि काम करने 
चाहिए। लेखन, शेयर मार्केट का काम, व्यापारिक लेखा-जोखा आदि का कार्य करना चाहिए।

**गुरुवार-** बृहस्पति देव के इस दिन यात्रा, धार्मिक कार्य, विद्याध्ययन और बैंक से
संबंधित का्र्य करना चाहिए। इस दिन वस्त्र आभूषण खरीदना, धारण करना और प्रशासनिक कार्य
करना शुभ माना गया है।

**शुक्रवार-** शुक्रवार के दिन गृह प्रवेश, कलात्मक कार्य, कन्या दान करने का महत्व
है। शुक्र देव भौतिक सुखों के स्वामी है। इसलिए इस दिन सुख भोगने के साधनों का उपयोग
करें। सौंदर्य प्रसाधन, सुगन्धित पदार्थ, वस्त्र, आभूषण, वाहन आदि खरीदना लाभदायक होता
है।

**शनिवार-** मकान बनाना, टेक्नीकल काम, गृह प्रवेश, ऑपरेशन आदि काम करने चाहिए। प्लास्टिक,
लकड़ी, सीमेंट, तेल, पेट्रोल खरीदना और वाद-विवाद के लिए जाना इस दिन सफलता देने वाला
होता है।

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## सुख-समृद्धि आपके घर

सुख और समृद्धि दोनों अलग-अलग है। यह आवश्यक नहीं है कि यदि आप समृद्ध हैं तो सुखी 
भी होंगे। दोनों का एक साथ मिलना बहुत मुश्किल होता है। क्योंकि अगर पैसा है तो उसके
साथ अन्य बहुत ही परेशानियों भी रहती है। यदि आप चाहते हैं कि आपके घर समृद्धि के साथ
सुख का भी वास हो तो नीचे लिखे उपाय करें।

1-चैक बुक, पास बुक, पैसे के लेन-देन संबंधी कागजात, पूंजी निवेश संबंधी कागजात आदि
श्रीयंत्र, कुबेर यंत्र आदि के समीप रखें।

2- व्यापार संबंधी लेखा-जोखा रखनी वाली किताब (रोकड़) पर केसर के छींटे अवश्य लगाएं।

3-दीपावली की रात या ग्रहण काल में एक लौंग, एक इलाइची जलाकर भस्म बना लें। इस भस्म
को देवी-देवता के चित्र और यदि यंत्र हो तो उन पर लगा कर रखें।

4- किसी सूर्य के नक्षत्र में ऐसे पेड़ की टहनी तोड़ कर लाएं, जिस पर चमगादड़ों का 
स्थाई निवास हो। इस टहनी को अपने बिस्तर के नीचे रख कर सोएं।

5- शाम के समय घर में झाड़ू-पोंछा न लगाएं।

6- गुरुवार के दिन किसी विवाहित महिला को सुहाग की सामग्री भेंट करें। संभव हो तो ऐसा
हर गुरुवार को करें।

7-चींटियों को शक्कर मिला हुआ आटा खिलाएं। सुबह जागने पर यह मंत्र बोल जमीन पर रखें,
कदमों में होगी कामयाबी। पैर शरीर का अहम अंग है। जिसके बिना जीवन गतिहीन है। पैरों
के बिना इंसान विवश और असहाय हो सकता है।

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यह मंत्र विशेष रूप से मातृशक्ति का स्मरण है। शक्ति का ही स्वरूप देवी लक्ष्मी की 
उपासना सुख, धन और ऐश्वर्य देने वाली मानी गई है, जो हर इंसान की चाहत होती है। इस 
मंत्र में भी उनका ही स्मरण है। इसलिए सुबह जागने पर जमीन पर पैर रखते ही इस मंत्र 
का ध्यान रख कदम आगे बढ़ाएं-

> समुद्र वसने देवी पर्वतस्तन मण्डले।
>  विष्णु पत्नि नमस्तुभ्यं पादस्पर्श क्षमस्व 
> मे।

**लेखक – शिप्रा द्विवेदी**
