# श्रीगणेशद्वादशनामस्तोत्रम

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- Published: 2016-03-06T04:32:39+05:30
- Author: Astrologer Sidharth

**श्रीगणेशद्वादशनामस्तोत्रम**

सुमुखश्चैकदन्तश्च कपिलो गजकर्णक: ।
 लम्बोदरश्च विकटो विघ्ननाशो विनायक: ।।1।। धूम्रकेतुर्गणाध्यक्षो
भालचन्द्रो गजानन: । द्वादशैतानि नामानि य: पठेच्छृणुयादपि ।।2।। विद्यारम्भे विवाहे
च प्रवेशे निर्गमे तथा । संग्रामे संकटे चैव विघ्नस्तस्य न जायते ।।3।।

।।इति श्रीगणेशद्वादशनामस्तोत्रं सम्पूर्णम।।

**हिन्दी अनुवाद**

सुमुख, एकदन्त, कपिल, गजकर्ण, लम्बोदर, विकट, विघ्ननाशक, विनायक, धूम्रकेतु, गणाध्यक्ष,
भालचन्द्र और गजानन, ये सभी गणेश जी के बारह नाम है. जो मनुष्य विद्यारंभ, विवाह, गृहप्रवेश,
यात्रा, युद्ध तथा किसी भी संकट के समय इन नामों का पाठ करता है अथवा सुनता है तब उसके
काम में विघ्न पैदा नहीं होता है.

इस प्रकार से श्रीगणेशद्वादशनामस्तोत्रं सम्पूर्ण हुआ.
