# धन पाने के नुस्‍खे Money making ideas

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- Published: 2016-04-03T19:37:43+05:30
- Author: Astrologer Sidharth

**Money making ideas**

लक्ष्‍मी किसे प्‍यारी नहीं। इसे पाने को हर कोई बेताब रहता है। हर कोई प्रयास करता
है लेकिन कुछ ही ऐसे होते हैं जिन पर देवी की कृपा होती है। हमारे तंत्र शास्‍त्र में
कई ऐसे नुस्‍खे दिए गए हैं जो लक्ष्‍मी के आगमन को सुगम बनाते हैं।

## लगातार घाटा होने पर

व्‍यापार ज्‍योतिष में दरिद्रता नाशक मुद्रिका के बारे में दिया गया है। इसके अनुसार
शुक्‍लपक्ष में रवि या गुरु पुष्‍य के दिन त्रिधातु की अंगूठी बनवाकर अनामिका अंगुलि
में पहनने से ऐसे जातक को लाभ होता है जिसे व्‍यापार में लगातार घाटा हो रहा हो। इस
दरिद्रतानाशक मुद्रिका को बनवाने के लिए तीन प्रकार की धातुओं का इस्‍तेमाल किया जाता
है। दस भाग सोना, बारह भाग चांदी और सोलह भाग तांबे का मिश्रण होता है। तीनों ही धातुओं
अलग अगल तार के रूप में होती हैं, लेकिन एक दूसरे से गुंथी हुई होती है। अगर जातक परिवार
का सबसे बड़ा कमाने वाला जातक है तो उसे प्रथमा अंगुलि में मुद्रिका धारण करनी चाहिए,
अगर परिवार में बड़े कमाऊ सदस्‍य हैं तो जातक को अनामिका अंगुलि में मुद्रिका को धारण
करना चाहिए।

## मुहूर्त पर मंत्र

अमावस्‍या, दीपावली और होली की रात को बारह बजे से महालक्ष्‍मी का मंत्र करने से लक्ष्‍मी
की प्राप्ति होती है। बहुत से सेठों ने सालों साल तक इन मंत्रों को किया और अभीष्‍ट
की प्राप्ति की है। यह मंत्र है

**ओं श्रीं ह्रीं क्‍लीं महालक्ष्‍म्‍यै नम:**

करणीदान सेठिया की मंत्र विद्या में दिया गया है कि पूर्व की तरफ मुंह करके पीले वस्‍त्र
और पीले रंग की माला का प्रयोग करें। कमरा साफ रखें। मार्गशीर्ष नक्षत्र व गुरुवार 
हो उस दिन भी मंत्र का जाप शुरू किया जा सकता है। वे भक्‍तामर स्रोत के 26वें श्‍लोक
की तीन माला फेरने के बाद मंत्र का जाप शुरू करने की सलाह देते हैं। लक्ष्‍मी की मूर्ति
सामने रखें। पीले फूल चढ़ावें। रोज दस माला का जाप करें। इससे लक्ष्‍मी प्रसन्‍न होगी।
उनके अनुसार एक लाख माला का जाप होने पर लक्ष्‍मी स्‍वयं दर्शन देती है।

## सफाई का चमत्‍कार

हमारे घर में कई तरह के लोग आते हैं उनके साथ उनके वाइब्रेशन भी हमारे घर में प्रवेश
करते हैं। उत्‍तर भारत हो या दक्षिण नजर लगने की समस्‍या बराबर है। इससे नेगेटिव वाइब्रेशन
के रूप में भी लिया जा सकता है। इस तरह के वाइब्रेशन को घर से निकालने और लक्ष्‍मी 
को स्‍थान देने के लिए पुष्‍य नक्षत्र से शुरू कर इक्‍कीस दिन तक गृहस्‍वामी और स्‍वामिन
दोनों मिलकर नमक मिले पानी से पूरे घर की सफाई करें (पोंछा लगाएं) तो घर में लक्ष्‍मी
का प्रवेश आसान हो जाएगा। इसे अनुभूत प्रयोग बताया गया है।

## रात की गणना

धन कमाने के लिए पहले धन के बारे में विचार करना जरूरी है। बहुत से लोग धन के बारे 
में स्‍पष्‍ट विचार नहीं रखते और धन पाने की रुचि से अधिक लालसा विचारों पर हावी रहती
है। ऐसे लोगों को साइकोसोमेटिक उपचार बताया जाता है। यह बहुत आसान और कारगर है। रात
को सोते समय नींद आने तक नोट गिनना। यह सुनने में एक बारगी हास्‍यास्‍पद लग सकता है
लेकिन बहुत से धनहीनों ने इसे किया वे भले ही धनपति नहीं बन पाएं हों लेकिन धन के मामले
में आत्‍मनिर्भर तो हुए ही हैं।

## दिन रात श्रम करके भी धन एकत्र न कर पाएं तो

होली, दीपावली, महाशिवरात्रि और अक्षय तृतीया को तांत्रिक लोग बड़े मौकों के रूप में
देखते हैं। इन दिनों में कुछ तांत्रिक प्रयोग हैं तो सात्विक हैं और उन्‍हें हर कोई
कर सकता है। इन्‍हें करने से इच्छित फलों की प्राप्ति की जा सकती है। ऐसा ही एक प्रयोग
लक्ष्‍मीजी को लेकर है। इसे दीपावली पर खासतौर पर किया जा सकता है। आप भी इस प्रयोग
को करें तो आपको भी अभीष्‍ट लाभ प्राप्‍त हो सकता है।

बहुत से ऐसे लोग हैं जो दिन रात मेहनत करते हैं, कभी पैसा कमाते हैं तो कभी केवल मेहनत
करते जाते हैं। या तो पैसा अपेक्षा से बहुत कम आता है या जो आता है वह इतनी तेजी से
इतर कार्यों में खर्च होता है कि व्‍यक्ति अपना जीवन निर्धन की तरह व्‍यतीत करता है।
मैं यहां एक प्रयोग बता रहा हूं। इस प्रयोग को दीपावली की रात को शुरू कर 21 दिन तक
लगातार करने पर धन संबंधी समस्‍याओं को बहुत हद तक कम किया जा सकता है। यह प्रयोग अर्घ
मार्तण्‍ड में भी दिया गया है।

## “ओं श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीदप्रसीद⏎  श्रीं ह्रीं श्रीं ओं महालक्ष्‍म्‍यै नम:”

इस मंत्र का जाप दीपावली की रात को लक्ष्‍मी पूजन के बाद शुरू करना है। वैसे पुरश्‍चरण
के लिए इस मंत्र के कुल जमा पांच लाख जाप बताए गए हैं। लेकिन हर गृहस्‍थ इतना जाप नहीं
कर सकता है। प्रयोग के तौर पर इसे 21 दिन तक रोजाना 108 बार से शुरू करें। शुरूआती 
21 दिन में आपको इसका लाभ दिखाई देना शुरू हो जाएगा। इसके बाद आप इस जाप को नियमित 
कर सकते हैं।

**विधि :** ऐसे स्‍थान पर आपको जल भरा ताम्र कलश स्‍थापित करना होगा, जहां आपके अलावा
और किसी के पांव न पड़ते हों। इस कलश को लाल रंग के धागे से बांधें। इसकी इत्र और पुष्‍प
से पूजा करें। लक्ष्‍मीजी की मूर्ति उस स्‍थान पर स्‍थापित कर श्रद्धापूर्वक इत्र, 
पुष्‍प, धूप, दीप के साथ पूजन करें। इसके बाद मंत्रजाप शुरू कर दें।

जिस दिन जप पूरा हो, उस दिन एक हजार कमल पुष्‍पों को घी के साथ हवन देना होगा। इस हवन
में घी, जौ, तिल, चावल, खांड, खोपा और बादाम का दशांश आहूति देने का विधान है। जब आपके
जप पूर्ण हों तो पंडित को बुलवाकर आप यह हवन करवा सकते हैं। बताया गया है कि इस मंत्र
जप और हवन के बाद घर में लक्ष्‍मी का वास होता है। अगर आप यह प्रयोग करें, तो बहुत 
अधिक संभावना है कि आपकी पैसों की समस्‍या का बहुत हद तक इससे समाधान होगा।
