1. शुद्धता एवं आस्था: यह प्रश्नावली प्राचीन राम-भक्त हनुमान जी की चक्र पद्धति पर आधारित है। प्रश्न करने से पूर्व हाथ-मुंह धोकर पवित्र भाव से बैठें।
2. प्रश्न का संकल्प: अपने मन में एक समय में केवल एक ही निश्चित प्रश्न का विचार करें (जैसे यात्रा, व्यापार, रोग, विवाह आदि)।
3. स्मरण: "श्रीराम जय राम जय जय राम" और "ॐ हनुमते नमः" का 3 बार मानसिक जप करें।
4. चयन: आंखें बंद करके चक्र के किसी एक नाम पर अंगुली रखें। जो नाम आपकी अंगुली के नीचे आएगा, वही आपके प्रश्न का उत्तर निर्धारित करेगा।
*नोट: यह प्रश्नावली श्रद्धा एवं संकेतात्मक मार्गदर्शन के लिए है। विस्तृत एवं जटिल समस्याओं के लिए योग्य ज्योतिषी से जन्मकुंडली का विश्लेषण कराना श्रेयस्कर है।