Dhan Kamaane Ke Achuk Aur Asaan Upaay (धन कमाने के अचूक और आसान उपाय)
जब हम लय में होते हैं, तो हमारे हर कार्य में संयोग सहज रूप से साथ देते हैं। एक होता है योग और दूसरा होता है संयोग। अगर किसी जातक की कुण्डली में धनवान बनने के योग हैं तो वह स्वत: ही धनवान बनेगा, लेकिन अगर किसी जातक की कुण्डली में धनवान बनने के योग नहीं है, तो उसे धन के संयोगों पर निर्भर रहना पड़ेगा।
ज्योतिष या तंत्र में कहीं भी उल्लेख नहीं है कि जातक के पास धन की कितनी मात्रा होगी। एक दस हजार रुपए महीना कमाने वाला जातक धन के मामले में सुखी हो सकता है और एक करोड़ों का व्यवसाय करने वाला धनपति धन के मामले में चिंतित हो सकता है। जातक धन के मामले में चिंतित रहे या निश्चिंत, लेकिन इतना जरूरी है कि आवश्यकता जितना धन हर जातक के पास होना चाहिए। कालांतर में हमारे तंत्र साहित्य और लोक समझ ने ऐसी युक्तियां निकाली हैं, जो लय बिगड़े जातक को धन के मामले में एक बार फिर से गाड़ी को पटरी पर बैठाने में मदद कर सके। यहां लक्ष्मी हासिल करने और लक्ष्मी को स्थिर करने के ऐसे उपायों की सीरीज प्रस्तुत की जा रही है।
शुक्ल पक्ष (अमावस्या से पूर्णिमा के बीच का समय) में मंगलवार को आटे में गुड़ मिलाकर पुए बनाकर हनुमानजी के मंदिर में चढ़ाएं और गरीबों को खिलाएं। इससे सभी कर्जे दूर होना बताया गया है।
किसी गुरू पुष्य योग और शुभ चन्द्रमा के दिन सुबह-सुबह हरे रंग के कपड़े की छोटी थैली तैयार करें। श्री गणेश के चित्र अथवा मूर्ति के आगे ‘संकटनाशन गणेश स्तोत्र’ के 11 पाठ करें। तत्पश्चात् इस थैली में
7 मूंग
10 ग्राम साबुत धनिया
एक पंचमुखी रूद्राक्ष
एक चांदी का रुपया
2 सुपारी
2 हल्दी की गांठ
उपरोक्त सामान रख कर दाहिनी सूंड के गणेश जी को शुद्ध घी के मोदक का भोग लगाएं। फिर यह थैली तिजोरी या कैश बॉक्स में रख दें। आर्थिक स्थिति में शीघ्र सुधार आएगा। एक साल बाद नई थैली बना कर बदलते रहें।
अपार धन-समृद्धि के लिए पके हुए मिट्टी के घड़े को लाल रंग से रंगकर, उसके मुख पर नाड़ा यानी मौली बांधकर तथा उसमें जटायुक्त नारियल रखकर बहते हुए जल में प्रवाहित करें।
यदि आप हमेशा आर्थिक समस्या से परेशान हैं तो इसके लिए आप 21 शुक्रवार 9 वर्ष से कम आयु की 5 कन्यायों को खीर व मिश्री का प्रसाद बांटें।
घर और कार्यस्थल में धन वर्षा के लिए आप अपने घर, दुकान या शोरूम में एक अलंकारिक फव्वारा रखें। या एक मछलीघर जिसमें 8 सुनहरी व एक काली मछ्ली हो रखें ! इसको उत्तर या उत्तरपूर्व की ओर रखें। यदि कोई मछ्ली मर जाय तो उसको निकाल कर नई मछ्ली लाकर उसमें डाल दें।
धन के ठहराव के लिए : आप जो भी धन मेहनत से कमाते हैं उससे ज्यादा खर्च हो रहा हो अर्थात घर में धन का ठहराव न हो तो ध्यान रखें को आपके घर में कोई नल लीक न करता हो। अर्थात पानी टप–टप टपकता न हो। और आग पर रखा दूध या चाय उबलनी नहीं चाहिये। वरना आमदनी से ज्यादा खर्च होने की सम्भावना रह्ती है
धन की परेशानी है, नौकरी मे दिक्कत आ रही है, प्रमोशन नहीं हो रहा है या आप अच्छे कॅरियर की तलाश में है तो यह उपाय कीजिए : किसी दुकान में जाकर किसी भी शुक्रवार को कोई भी एक स्टील का ताला खरीद लीजिए। ताला खरीदते वक्त न तो उस ताले को आप खुद खोलें और न ही दुकानदार को खोलने दें ताले को जांचने के लिए भी न खोलें। उसी तरह से डिब्बी में बन्द का बन्द ताला दुकान से खरीद लें। इस ताले को आप शुक्रवार की रात अपने सोने के कमरे में रख दें। शनिवार सुबह उठकर नहा-धो कर ताले को बिना खोले किसी मन्दिर, गुरुद्वारे या किसी भी धार्मिक स्थान पर रख दें। जब भी कोई उस ताले को खोलेगा आपकी किस्मत का ताला खुल जायगा।
फंसा हुआ धन वापिस लेने के लिए : यदि आपकी रकम कहीं फंस गई है और पैसे वापिस नहीं मिल रहे तो आप रोज़ सुबह नहाने के पश्चात सूरज को जल अर्पण करें। उस जल में 11 बीज लाल मिर्च के डाल दें तथा सूर्य भगवान से पैसे वापिसी की प्रार्थना करें। इसके साथ ही “ऊं आदित्याय नमः“ का जाप करें।
यदि परिश्रम के पश्चात् भी कारोबार ठप्प हो, या धन आकर खर्च हो जाता हो तो यह टोटका काम में लें। किसी गुरू पुष्य योग और शुभ चन्द्रमा के दिन प्रात: हरे रंग के कपड़े की छोटी थैली तैयार करें। श्री गणेश के चित्र अथवा मूर्ति के आगे “संकटनाशन गणेश स्तोत्र” के 11 पाठ करें। तत्पश्चात् इस थैली में
7 मूंग
10 ग्राम साबुत धनिया
एक पंचमुखी रूद्राक्ष
एक चांदी का रूपया
2 सुपारी
2 हल्दी की गांठ
उपरोक्त सामग्री रख कर दाहिने मुख के गणेश जी को शुद्ध घी के मोदक का भोग लगाएं। फिर यह थैली तिजोरी या कैश बॉक्स में रख दें। गरीबों और ब्राह्मणों को दान करते रहे। आर्थिक स्थिति में शीघ्र सुधार आएगा। 1 साल बाद नयी थैली बना कर बदलते रहें।
रविवार पुष्य नक्षत्र में एक कौआ अथवा काला कुत्ता पकड़े। उसके दाएँ पैर का नाखून काटें। इस नाखून को ताबीज में भरकर, धूपदीपादि से पूजन कर धारण करें। इससे आर्थिक बाधा दूर होती है। कौए या काले कुत्ते दोनों में से किसी एक का नाखून लें। दोनों का एक साथ प्रयोग न करें।
घर में कमाई तो बहुत है, किन्तु पैसा नहीं टिकता, तो यह प्रयोग करें। जब आटा पिसवाने जाते हैं तो उससे पहले थोड़े से गेंहू में 11 पत्ते तुलसी तथा 2 दाने केसर के डाल कर मिला लें तथा अब इसको बाकी गेंहू में मिला कर पिसवा लें। यह क्रिया सोमवार और शनिवार को करें।
अगर पर्याप्त धर्नाजन के पश्चात् भी धन संचय नहीं हो रहा हो, तो काले कुत्ते को प्रत्येक शनिवार को कड़वे तेल (सरसों के तेल) से चुपड़ी रोटी खिलाएं।
रात्रि में चावल, दही और सत्तू का सेवन करने से लक्ष्मी का निरादर होता है। अत: समृद्धि चाहने वालों को तथा जिन व्यक्तियों को आर्थिक कष्ट रहते हों, उन्हें इनका सेवन रात्रि भोज में नहीं करना चाहिए।
अचानक धन प्राप्ति का उपाय :- गुलाब के फूल में कपूर का टुकड़ा रखें। शाम के समय फूल में एक कपूर जला दें और फूल को देवी को चढ़ा दें। इससे आपको अचानक धन मिल सकता है।
एक और आसान उपाय है पान में गुलाब की सात पंखुड़ियां रखकर, पान को देवी को चढ़ा दें। आपको धन की प्राप्ति होगी।
नवरात्र की षष्ठी तिथि को शाम के समय बेल के पेड़ के जड़ पर मिट्टी, इत्र, पत्थर और दही चढ़ा दें और अगले दिन सुबह के समय बेल के पेड़ से एक छोटी टहनी तोड़ कर घर ले आयें और उसे अपनी तिजोरी में रख दें। ऐसा करने से आपको बेहिसाब धन – संपदा प्राप्त होगी।
धन में बरकत : तिजोरी का दरवाज़ा उत्तर की तरफ हो तो पैसों की बरकत होगी । दुकान में cash-box अगर उत्तर दिशा में खुलता हुआ हो तो उत्तर दिशा के मालिक कुबेर भंडारी की नजर पड़ने से धन की बरकत रहती है ।
धन हानि हो रही हो तों वीरवार को घर के मुख्य द्वार पर गुलाल छिड़क कर गुलाल पर शुद्ध घी का दोमुखी (दो मुख वाला) दीपक जलाना चाहिए। दीपक जलाते समय मन ही मन यह कामना करनी चाहिए की “भविष्य में घर में धन हानि का सामना न करना पड़े।” जब दीपक शांत हो जाए तो उसे बहते हुए पानी में बहा देना चाहिए।
घर की आर्थिक स्थिति ठीक करने के लिए घर में सोने का चौरस सिक्का रखें। कुत्ते को दूध दें। अपने कमरे में मोर का पंख रखें।
लक्ष्मी प्राप्ति के उपाय
पान में गुलाब की सात पंखुड़िया रखें और पान को देवी को चढ़ा दें …..आप को धन की प्राप्ति होगी।
गुलाब की फूल में कपूर का टुकड़ा रखें ….शाम के समय फूल में एक कपूर जला दें …और फूल देवी को चढ़ा दें ….इससे आपको अचानक धन मिल सकता है।
चौदह मुखी रुद्राक्ष सोने में जड़वा कर ….किसी पत्र में लाल फूल बिछाकर उस पर रखें …दूध, दही, घी ,मधु, और गंगाजल से स्नान करायें …. धूप दीप से पूजा करके धारण करें।
इमली के पेड़ की डाल काट कर घर में रखें या धन रखने की स्थान पर रखें तो धन की वृद्धि होगी।
एक नारियल और उसके साथ एक लाल फूल, एक पीला, एक नीला फूल और सफ़ेद फूल माँ को चढ़ायें…नवमी के दिन ये फूल नदी में बहा दें और नारियल को लाल कपड़े में लपेट कर तिजोरी में रखें …अखंड लक्षी की प्राप्ति होगी।
धन प्राप्ति में किसी भी तरह की मुश्किल से बचने के लिये लौंग और कपूर में गन्ने का रस मिलकर माँ दुर्गा को आहुति दें।
पान में गुलाब की पंखुड़िया रखकर पान देवी को चढायें।
अकस्मात् धन लाभ के लिये शुक्ल पक्ष के प्रथम बुधवार को सफेद कपड़े के झंडे को पीपल के वृक्ष पर लगाना चाहिए। यदि व्यवसाय में आकिस्मक व्यवधान एवं पतन की सम्भावना प्रबल हो रही हो, तो यह प्रयोग बहुत लाभदायक है।
अगर आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हों, तो मन्दिर में केले के दो पौधे (नर-मादा) लगा दें।
देवी लक्ष्मी के चित्र के समक्ष नौ बत्तियों का घी का दीपक जलाए¡। उसी दिन धन लाभ होगा।
एक नारियल पर कामिया सिन्दूर, मोली, अक्षत अर्पित कर पूजन करें। फिर हनुमान जी के मन्दिर में चढ़ा आएँ। धन लाभ होगा।
पीपल के वृक्ष की जड़ में तेल का दीपक जला दें। फिर वापस घर आ जाएँ एवं पीछे मुड़कर न देखें। धन लाभ होगा।
एक हंडिया में सवा किलो हरी साबुत मूंग की दाल, दूसरी में सवा किलो डलिया वाला नमक भर दें। यह दोनों हंडिया घर में कहीं रख दें। यह क्रिया बुधवार को करें। घर में धन आना शुरू हो जाएगा।
कच्ची धानी के तेल के दीपक में लौंग डालकर हनुमान जी की आरती करें। अनिष्ट दूर होगा और धन भी प्राप्त होगा।
अगर अचानक धन लाभ की स्थितियाँ बन रही हो, किन्तु लाभ नहीं मिल रहा हो, तो गोपी चन्दन की नौ डलियाँ लेकर केले के वृक्ष पर टाँग देनी चाहिए। स्मरण रहे यह चन्दन पीले धागे से ही बाँधना है।
लक्ष्मी आगमन के लिए अपने मकान के बाहर कौड़ियों का तोरण बनवाकर बाहर लटका दें, इससे बुरी नजर और ऊपरी हवाएं दूर रहती हैं साथ ही साथ लक्ष्मी के आगमन के द्वार खुलते हैं।
काले तिल परिवार के सभी सदस्यों के सिर पर सात बार उसार कर घर के उत्तर दिशा में फेंक दें, धनहानि बंद होगी।
अगर अचानक धन लाभ की स्थितियाँ बन रही हो, किन्तु लाभ नहीं मिल रहा हो, तो गोपी चन्दन की नौ डलियाँ लेकर केले के वृक्ष पर टाँग देनी चाहिए। स्मरण रहे यह चन्दन पीले धागे से ही बाँधना है।
कच्ची धानी के तेल के दीपक में लौंग डालकर हनुमान जी की आरती करें। अनिष्ट दूर होगा और धन भी प्राप्त होगा।
अकस्मात् धन लाभ के लिये शुक्ल पक्ष के प्रथम बुधवार को सफेद कपड़े के झंडे को पीपल के वृक्ष पर लगाना चाहिए। यदि व्यवसाय में आकिस्मक व्यवधान एवं पतन की सम्भावना प्रबल हो रही हो, तो यह प्रयोग बहुत लाभदायक है।
अगर आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हों, तो मन्दिर में केले के दो पौधे (नर-मादा) लगा दें।
नये मकान के प्रवेश द्वार पर कौड़ियों का तोरण द्वार लटकाने से ऊपरी बाधायें दूर होती हैं। नजर-टोना नहीं होता है। लक्ष्मी की वृद्धि होती है।
आर्थिक लाभ प्राप्ति हेतु : पीतल के लोटे में जल व गाय का दूध मिलाकर शुक्ल पक्ष में सिरहाने रखकर सो जायें। प्रात: यह दूध मिश्रित जल पीपल वृक्ष पर श्रद्धापूर्वक चढ़ा दें। यह उपाय 11 दिन तक लगातार करें। सोमवार से यह प्रयोग आरंभ करें आर्थिक लाभ निश्चित होगा।
पत्नी लक्ष्मी रूपा : भूलकर भी धर्म पत्नी को न ही दुत्कारें, न कोसें तथा न ही अशुभ मानकर मारें। दुखी होकर पत्नी रोती हुई अपने माता-पिता के घर चली गयी तो याद रहे इस पाप कर्म से आपके घर की बरकत चली जाएगी। आपकी बहन कदापि अपने ससुराल सुखी न रहेगी। उसके संतान सुख न होगा। तथा आप पर वंश हत्या का पाप लगेगा। पत्नी मायके चली गयी हो तो फौरन मनाकर ले आयें। धन, वस्त्र व मान देकर पत्नी को मनायें। बिगड़ते कार्य बनेंगे। मां वैष्णों देवी की यात्रा का पुण्य मिलेगा।
रुका धन पाने के लिए : पीपल के सात पत्ते लेकर रौली से ‘श्री’ लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। ऊपर से गंगा जल चढ़ाएं। ‘ऊँ नम शम्भवाय’ सात बार बोलें। रूका धन मिल जाएगा। यह प्रयोग सात बार सोमार से शुरू करना है।
ध्यान रखें : फर्श व दीवारों पर बच्चे अक्सर पेंसिल से लाइने खींच देते हैं। व्यर्थ के आलेखन नहीं बनाने चाहिए। कलेश व कर्जा बढ़ता है। हो सके तो दीवार पर खींची लाइने व अन्य धब्बे आदि मिटाने चाहिए। लक्ष्मी की कृपा बनी रहेगी।
अपने घर में पवित्र नदियों का जल संग्रह कर के रखना चाहिए। इसे घर के ईशान कोण में रखने से अधिक लाभ होता है।
डिस्क्लेमर : कुछेक प्रयोग लेखक द्वारा किए गए हो सकते हैं, लेकिन अधिकांश प्रयोग या तो लोक मानस में बसे हुए प्रयोग हैं तो कुछ प्रयोग तंत्र साहित्य की पुस्तकों से भी लिए गए हैं। समय समय पर इन प्रयोगों ने जातकों को धन की समस्या से मुक्त होने में मदद की है। आप भी इन सरल प्रयोगों को अपने स्तर पर कर सकते हैं, लेकिन लेखक किसी भी प्रयोग को लेकर किसी प्रकार का दावा नहीं करता है। आप जो भी प्रयोग करें, अपने स्तर पर अपने निर्णय से करें।
108 चमत्कारिक टोटके एवं अचूक वैदिक उपाय
ॐ
वैदिक एवं ज्योतिषीय संग्रह• अचूक सिद्ध उपाय
108 चमत्कारिक टोटके
1शनि व ग्रह दोष
प्रगति:1 / 108
टोटका नं. 1•शनि दृष्टि दोष निवारण
शनि दृष्टि दोष दूर करने के लिये उड़द की दाल के 4 बड़े शनिवार को प्रात: सिर से 3 बार एंटी क्लाकवाइज (उलटा) घुमाकर कौओं को खिलाएं। (सात शनिवार करो)।
विशेष दिन: शनिवार प्रात: अथवा संध्या काल
क्रमांक पर जाएं:
ॐ
समस्त 108 टोटके सूची
1
शनि दृष्टि दोष निवारण
शनि दृष्टि दोष दूर करने के लिये उड़द की दाल के 4 बड़े शनिवार को प्रात: सिर से 3 बार एंटी क्लाकवाइज (उलटा) घुमाकर कौओं को खिलाएं। (सात शनिवार करो)।
2
शनि कृपा प्राप्ति
शनि कृपा पाने के लिये शनिवार के दिन आठ नंबर का जूता (लैदर का) शनि का दान मांगने वाले को ‘ऊँ सूर्य पुत्राय नम:’ आठ बार कहकर दें।
3
ऊपरी बाधा व घोड़े की नाल
ऊपरी बाधायें दूर करने के लिये। काले घोड़े को 1-1/4 किलो काले चने शुक्रवार को खिलाओ तथा शनिवार को उसके पिछले दायें पैर की नाल लेकर शनिवार को ही अपने घर के प्रवेश द्वार पर U इस आकार में लगाएं।
4
लक्ष्मी प्राप्ति हेतु फल दान
लक्ष्मी प्राप्ति करने के लिये शुक्रवार को अंधविद्यालय में 27 संतरे अंधे बच्चों को खिलाएं।
5
पढ़ाई में अधिक अंक प्राप्ति
बच्चों की पढ़ाई में अधिक अंक पाने हेतु किसी अंधे बच्चे या लड़की को अपना पुत्र या बेटी मानते हुए पुस्तकों का दान करो या वस्त्र तथा फीस देकर मदद करें।
6
नजर टोना-टोटका निवारण
नजर टोना-टोटका दूर करने के लिये एक नींबू लेकर रोगी के ऊपर सात बार उलटा घुमाकर उतारें (शनिवार)। एक चाकू सिर से पैर तक धीरे-धीरे स्पर्श करते हुए नींबू को बीच से काट दें। दोनों टुकड़े दक्षिण दिशा की ओर संध्या समय फेंक दें।
7
ऊपरी प्रेत बाधा शांति
ऊपरी प्रेत बाधा दूर करने के लिये। बाजरे का दलिया 1-1/4 किलो लेकर बनाएं। पाव भर गुड़ मिलाकर मिट्टी की हांडी में रखें। सिर से पैर तक सात बार उतार कर चौराहे पर सायं को रख दें मुड़कर न देखें न बात करें। वापिस घर आ जाओ। (तीन शनिवार करो)।
8
शनि ढैया व साढ़ेसाती मुक्ति
शनि ढैया या साढ़ेसाती के दोष से मुक्ति पाने के लिए। काले चनें 1-1/4 किलो शुक्रवार रात्रि पानी में भिगो दें। शनिवार प्रात: पानी वाली हंडिया में अपना चेहरा देखकर चने काले घोड़े को खिलाएं व पानी पीपल के पेड़ पर डाल दें।
9
जोड़ों का दर्द व वायु दोष
जोड़ों के दर्द व वायू दोष दूर करने हेतु। शनिवार को 1-1/4 किलो आलू व बैंगन की सब्जी सरसों के तेल में बनाएं। इतनी ही पूरियां सरसों के तेल में बनाएं। रविवार को अंधे लंगड़े व गरीब लोगों को यह भोजन खिलाएं।
10
शनि कृपा प्राप्ति उपाय
शनि कृपा प्राप्त करने के लिए 27 किलो गुलाब जामुन पर एक लौंग फूल वाली चुभोकर शनिवार को जमुना नदी में प्रवाहित करें।
11
मनचाहा ट्रांसफर
मनोवांच्छित ट्रांसफर पाने के लिये सूर्य को जल तांबे के बर्तन में 22 दिन तक लगातार दें। 22 लाल मिर्च के बीज पानी में डालकर प्रात: सूर्य को जल दें।
12
रोग निवारण नारियल टोटका
रोग दूर करने के लिये पानी का नारियल सिर से तीन बार उलटा घुमाकर सूर्य की ओर रोगी देखें व सामने देखें व सामने ही फोड़ दें।
13
सरदर्द व बुखार से मुक्ति
सरदर्द व वायरल बुखार से मुक्ति हेतु 11 पानी वाले नारियल सिर से उलटा घुमाकर शिवजी के मंदिर जायें, वहीं शिवलिंग के पास जमीन पर फोड़कर जल (नारियल का) शिवलिंग पर चढ़ा दें।
14
मनपसंद वर/वधु प्राप्ति
मनोवांच्छित वर या वधु पाने के लिए पांच मीठे पान बनवाकर शिव मंदिर में पहले गणेश जी को दें, फिर मां पार्वती को दें, तीसरा पान स्वामी कार्तिकेय को व चौथा पान नंदी जी को दें। 5वां पान शिवलिंग पर चढ़ा दें।
15
शिवलिंग पर आंवला अभिषेक
लक्ष्मी प्राप्ति के लिए दूध में घी, शहद व दही मिलाकर शिवलिंग पर एक आंवला रखें ऊपर से दूध चढ़ा दें। आंवले का मुरब्बा एक पीस शिवलिंग पर रखें व ऊपर से दूध चढ़ाएं।
16
पढ़ाई में सफलता व बांसुरी
पढ़ाई में अच्छे नंबर पाने के लिए। बच्चे मोर मुकुट का चंदोबा अपनी पुस्तकों में रखें। NE दिशा में एक बांसुरी लटकायें, बांसुरी पर ‘ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय’ रोली व सिंदूर से लिखें।
17
स्मृति व एकाग्रता वर्धन
स्मृति तेज करने के लिये। बच्चों को प्रात: एक आंवले का मुरब्बा रोज खाने को दें। ऊपर से दूध पीयें। क्रोध कम होगा व पढ़ाई में ध्यान बढ़ेगा।
18
ऊपरी बाधा निवारण
ऊपरी बाधा दूर करने के लिए एक अंडा लेकर रोगी के ऊपर से 11 बार घुमाकर (उलटा) उतारें। अंडे पर काली स्याही से मकड़ी का जाला बनायें। अंडा नदी में बहा दें।
19
मिरगी दौरा व हींग ताबीज
मिरगी का दौरा दूर करने के लिए। एक तौला असली हींग काले कपड़े में सीकर ताबीज जैसा बनाकर शनिवार के दिन गले में पहनने से मृगी (मिरगी) का दौरा नहीं पड़ता है। ऊपरी बाधाएं भी शांत हो जाती हैं।
20
हृदय रोग निवारण रत्न
हार्ट अटैक दूर करने के लिये। हृदय रोग निवारण के लिये माणिक्य RING FINGER में दायें हाथ में तथा पन्ना 6 रत्ती का लाकेट बनाकर गले में बुधवार को धारण करें। मानसिक बीमारियां भी ठीक हो जाएंगी।
21
स्वयं का मकान निर्माण
अपना घर बनाने के लिये। मकान बनवाने या खरीदने से पूर्व भैंसा का दान करें, तथा पुष्य नक्षत्र में ही मकान की नींव रखें या निर्माण करें। वास्तु पूजन अवश्य करायें।
22
हृदय रोग रुद्राक्ष उपाय
हृदय रोग दूर करने के लिए। हृदय रोग निवारण के लिए 5 मुखी रुद्राक्ष गले में धारण करें। पांच मुखी रुद्राक्ष, एक लाल रंग का हकीक पत्थर, ½ मीटर लाल कपड़ा, 8 लाल मिर्चें- इन सबकों कपड़े में रखकर रोगी के सिर से तीन बार घुमाकर बहते पानी में रविवार को बहा दें।
23
संतान कल्याण व वाणी शुद्धि
आशीर्वाद फलीभूत होने के लिये भूलकर भी बच्चों को गालियां न दें, न ही कोसें। अक्सर माता-पिता बच्चों को अपशब्द कहते हैं, यह विनाशकारी श्राप भूल से भी न दें। याद रखें 10 आशीर्वादों को मात्र एक श्राप नष्ट कर देता है।
24
मुकद्दमा विजय व वास्तु
कोर्ट-कचहरी में मुकद्दमा जीतने के लिये। मुकद्दमे में जीत के लिए NORTH-EAST कोने में मंदिर बनाकर मुकद्दमें की फाइलें पूजा के स्थान पर ही रखें। यदि आप सच्चे हैं तो मुकद्दमें का फैसला आपके पक्ष में ही होगा।
25
शीघ्र विवाह हेतु रत्न
शीघ्र विवाह करने हेतु पुखराज पांच रत्ती चांदी या गोल्ड की अंगूठी में INDEX FINGER में गुरुवार को पहने। तथा फिरोजा सात रत्ती चांदी में मढ़वाकर शुक्रवार को दाहिने हाथ की छोटी अंगुली में पहने। शीघ्र विवाह होने के अवसर होंगे।
26
मनचाहा विवाह केले की जड़
मनचाहा विवाह करने हेतु ‘केले की जड़’ का टुकड़ा, एकादशी तिथि को ‘ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र से 108 बार बोलकर गले में ‘ताबीज’ बनाकर बुधवार को प्रात: पहने। विवाह मनपसंद होगा।
27
मांगलिक दोष शांति
मंगलीक दोष दूर करने के लिये प्रत्येक मंगलवार को वट वृक्ष की जड़ पर मीठा दूध चढ़ायें। भीगी मिट्टी से माथे पर तिलक लगायें।
28
शिक्षा में सफलता व मूंगा
पढ़ाई में अच्छे नंबर व सफलता पाने हेतु बंदर को मीठी रोटी, केले व गुड़ चना मंगलवार को खिलाएं। NORTH-EAST कोण में एक बांसुरी रोली व तिलक लगाकर लगायें। पांच रत्ती का मूंगा लाकेट बनाकर मंगलवार को बच्चे के गले में पहनायें। गरीब बच्चों को मुफ्त पुस्तकें बांटे।
29
दाम्पत्य कलह शांति व प्रेम
परस्पर प्रेम वृद्धि के लिए पति-पत्नी के कलेश दूर करने के लिये पति दायें हाथ की RING FINGER में हीरा 30 CENT या सफेद पुखराज पांच रत्ती का शुक्रवार व बृहस्पतिवार को पहने। पत्नी बायें हाथ की RING FINGER में पांच रत्ती का मोती चांदी या गोल्ड में सोमवार को पहने।
30
दरिद्रता व कर्जा मुक्ति
दरिद्रता दूर व कर्जा मुक्ति हेतु पुरुष दायें हाथ की INDEX अंगुली में ‘पीला पुखराज’ पहने तथा बायें हाथ की छोटी अंगुली में मोती पांच रत्ती का चांदी में सोमवार को पहने। व एक माला जाप करें: ‘ऊँ श्रीं श्रियै नम:’।
31
कोर्ट कचहरी में विजय
कोर्ट-कचहरी व मुकद्दमा में विजय हेतु यदि आप सच्चे हैं तो दायें हाथ की RING FINGER में माणिक्य (RUBY) 6 रत्ती का रविवार को पहने व ‘पीला पुखराज’ लाकेट गले में पहने।
32
प्रमोशन व राजनीतिक विजय
नौकरी में प्रमोशन व राजनीतिक जीत हेतु दायें हाथ की छोटी अंगुली में 6 रत्ती का पन्ना चांदी या गोल्ड में पहने (बुधवार को)। गले में माणिक्य 6 रत्ती का लॉकेट बनाकर पहने (रविवार को प्रात:)। एक माला स्फटिक की माला से ‘ऊँ आदित्याय नम:’ जप करें।
33
मीडिया, फिल्म व मॉडलिंग
मीडिया व मॉडलिंग में सफलता प्राप्त हेतु दाये हाथ की RING FINGER में हीरा 30 CENT शुक्रवार को चांदी या गोल्ड में पहने। तथा ‘ऊँ राधेकृष्णाय नम:’ की एक माला जाप रोज करें।
34
शत्रु शमन व मित्रता
शत्रुता को मित्रता में बदलने हेतु शनिवार को भोजपत्र पर लाल रोली से शत्रु का नाम लिखकर शहद की शीशी में डूबो देना चाहिये।
35
संतान सुख प्राप्ति
संतान व सुख प्राप्ति हेतु पुरुष दायें हाथ INDEX FINGER में 6 रत्ती का पुखराज बृहस्पतिवार को पहने।
36
विद्या लाभ व मांगलिक शांति
विद्या प्राप्ति व मंगलीक प्रभाव दूर करने के लिये एक पाव कच्चा दूध सिर से 3 बार उलटा घुमाकर मिट्टी के बर्तन में डालकर काले या लाल किसी भी कुत्ते को मंगलवार को खिलाएं।
37
हृदय रोग रक्षा कवच
हृदय रोग से बचाव के लिये पांच मुखी रुद्राक्ष, काले डोरे में डालकर गले में ‘ऊँ जूं स:’ 108 बार बोलकर सोमवार को धारण करें। पांच मुखी रुद्राक्ष, एक लाल हकीक, एक मीटर लाल कपड़े में बांधकर रोगी के सिर से 21 बार उलटा घुमाकर रविवार को बहते पानी में बहायें।
38
मोरपंख व शनि साढ़ेसाती
शनि की साढ़े-साती दूर करने हेतु मोरपंख का चंदोबा रवि-पुष्य नक्षत्र में काटकर अपनी जेब में रखने से मान-सम्मान में वृद्धि व दरिद्रता दूर होती है तथा शनि की साढ़े-साती का प्रभाव दूर होता है।
39
कौड़ियों का तोरण द्वार
लक्ष्मी की वृद्धि हेतु नये मकान के प्रवेश द्वार पर कौड़ियों का तोरण द्वार लटकाने से ऊपरी बाधायें दूर होती हैं। नजर-टोना नहीं होता है। लक्ष्मी की वृद्धि होती है।
40
गणपति पूजन व मांगलिक दोष
मांगलिक दोष दूर करने हेतु हाथी दांत के गणपति की सदैव पूजा करने से मांगलीक दोष दूर होता है। आर्थिक संपन्नता बढ़ती है। विद्या के क्षेत्र में विशेष लाभ होता है।
41
आधा सीसी सिरदर्द निवारण
आधा सीसी (माइग्रेन) का दर्द दूर करने हेतु: काली मिर्च के 12 बीज, नीम की पत्तियां-12, चावल के-12 दाने। इनको सिलबट्टे पर 3 या 4 बूंद पानी मिलाकर दवा बनायें। सूर्योदय से पूर्व 5 मिनट तक इस दवा को सूंघे। 12 दिन में आधा-सिर दर्द दूर हो जाता है।
42
मातृ-पितृ पूजन से सिद्धि
नौकरी व प्रमोशन तथा अच्छे अंक पाने के लिये माता-पिता को पार्वती व शिव जानकर उन्हें बैठायें। हाथ में पुष्प लेकर तीन चक्कर लगायें। स्वयं को गणेश रूप समझकर उनके चरणों में पुष्प चढ़ाएं व दंडवत प्रणाम करें।
43
मिरगी दौरा निवारण अंगूठी
मिरगी का दौरा पड़ना बंद करने हेतु गाय के बायें सींग की या जंगली सूअर के नाखून की अंगूठी बनाकर दाहिने हाथ की छोटी अंगुली में पहनने से मिरगी का दौरा पड़ना बंद हो जाता है।
44
मोटापा निवारण रांगा अंगूठी
मोटापा कम करने हेतु रांगा धातु की अंगूठी दाहिने हाथ की बड़ी अंगुली में पहनने से मोटापा कम हो जाता है। चर्बी कम बनती है।
45
व्यापार में ग्राहक वृद्धि
ग्राहक अधिक आने व दरिद्रता दूर करने हेतु शनिवार की शाम दायें हाथ में एक साबुत सुपारी व तांबे का सिक्का पीपल के पेड़ के नीचे रखें। रविवार को उसी पीपल का एक पत्ता लाकर रोली से ‘श्रीं’ लिखें व गद्दी के नीचे या सेफ में रखें।
46
टोने-टोटके से सुरक्षा
टोने-टोटके से मुक्ति हेतु काले घोड़े की नाल या अंगूठी ‘कृत्तिका नक्षत्र’ वाले दिन घर के प्रवेश द्वार या अंगुली में धारण करने से किसी के किये टोने-टोटके से मुक्ति प्राप्त होती है।
47
पीपल दुग्ध अर्पण आर्थिक लाभ
आर्थिक लाभ प्राप्ति हेतु पीतल के लोटे में जल व गाय का दूध मिलाकर शुक्ल पक्ष में सिरहाने रखकर सो जायें। प्रात: यह दूध मिश्रित जल पीपल वृक्ष पर श्रद्धापूर्वक चढ़ा दें। 11 दिन तक लगातार सोमवार से करें।
48
गंगाजल व स्वर्ण-रजत प्रयोग
नौकरी प्राप्ति व व्यापार में लाभ हेतु पीतल के लोटे में गंगा जल भरकर ‘चांदी’ व सोने की धातुएं डालकर NORTH-EAST (ईशान) स्थान पर रखें। ‘ऊँ गंगाधराय नम:’ मंत्र 11 बार बोलें।
49
घुटनों का दर्द व हनुमान मंत्र
घुटनों के दर्द व वायु विकार दूर करने हेतु शुद्ध पेट्रोल लेकर दोनों हथेलियों के बीच डालकर घुटनों पर मलते हुए 11 बार मंत्र बोलें: ‘नासे रोग हरे सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत् वीरा’। 40 दिन में दर्द दूर होता है।
50
हनुमान ध्वज व विद्या लाभ
पढ़ाई में एकाग्रता, ऊपरी बाधा मुक्ति व स्वास्थ्य लाभ हेतु मंगलवार को हनुमान मंदिर में सिंदूर का चोला चढ़ाएं और लाल झंडा लगाएं। झंडे पर सिंदूर से ‘श्रीराम’ और नीचे ‘बल बुद्धि विद्या देहु, मोहि हरहु कलेस विकार’ लिखें।
51
शनि साढ़ेसाती बाल्टी दान
शनि की साढ़ेसाती दूर करने हेतु 1-1/4 किलो काले चने लोहे की नयी बाल्टी में पानी भरकर शुक्रवार रात्रि भिगो दें। शनिवार प्रात: उसमें अपनी छाया देखकर पीपल पर जल चढ़ाएं और चने 1 मुट्ठी ‘ऊँ सूर्य पुत्राय नम:’ कहकर प्रवाहित करें। बाल्टी तेल व सिक्कों सहित दान करें।
52
ईशान कोण शौचालय दोष
आर्थिक संकट, मुकद्दमे व शत्रु भय: अपने घर में NORTH-EAST (ईशान) कोने में यदि शौचालय हो, तो तुरंत बंद कर दें। वरना बीमारी, कष्ट, आर्थिक संकट, न्यायालय में मुकद्दमें व शत्रु द्वारा अपयश होता है।
53
आग्नेय कोण जल टंकी दोष
अग्नि भय व दुर्घटना से बचने हेतु SOUTH-EAST (आग्नेय) कोने में यदि पानी की टंकी रखी हो तो फौरन हटा दें। वरना BP HIGH, क्रोध, क्लेश व दुर्घटना का भय बना रहता है।
54
छत का कबाड़ व शनि शांति
शराब, नशा, दरिद्रता दूर करने के लिये मकान की छत पर पड़े पुराने सरिये, लोहे का सामान, टीन या प्लास्टिक के डिब्बे फौरन हटायें, वरना शनि का दुष्प्रभाव व नशा बढ़ता है।
55
देवी ज्योति प्रयोग
ऊपरी बाधा व व्यापार लाभ हेतु घर में देवी के चित्र के आगे प्रात: लाल वस्त्र की ज्योति जलाने से व सायं सफेद वस्त्र/कपास की ज्योति जलाने से शीघ्र विवाह होता है, व्यापार बढ़ता है और ऊपरी बाधा दूर होती है।
56
असाध्य रोग निवारण टोटका
गंभीर स्वास्थ्य हानि दूर करने हेतु रोगी के वजन बराबर पहाड़ी नमक तथा सतनाजा बहते पानी में बहाएं। 11 पानी वाले नारियल सिर से पैर तक 3 बार उलटा घुमाकर रोगी के सामने ही जमीन पर फोड़ें और बहते पानी में बहाएं (रविवार)।
57
पत्नी सत्कार व लक्ष्मी कृपा
पत्नी लक्ष्मी रूपा है उसका सत्कार करें। भूलकर भी धर्मपत्नी को न दुत्कारें न मारें। दुखी होकर पत्नी मायके चली गयी तो घर की बरकत चली जाएगी। यदि चली गयी हो तो तुरंत मनाकर आदर व वस्त्र देकर घर लाएं।
58
ताम्र दही लेप घाव व गंज
फोड़े-फुंसी व घाव की रामबाण दवा: दही को तांबे के बर्तन में तांबे के चम्मच से इतना घोटें कि वह हरे रंग का हो जाय। इस दवा को गंज पर लगाने से बाल शीघ्र उगते हैं व घाव भरते हैं।
59
पत्ता गोभी रस केश वृद्धि
गंजापन व बाल झड़ना दूर करने के लिये पत्ता गोभी के ताजे रस की निरन्तर सिर पर मालिश करने से गंजापन, बाल गिरना आदि रोग दूर होते हैं।
60
गुर्दा व मूत्र विकार रत्न
मूत्र संबंधी रोग व गुर्दे के विकार दूर करने के लिये मूंगा 4 रत्ती + नीलम 3 रत्ती संयुक्त जड़वाकर मध्यमा अंगुली में धारण करें।
61
श्वास व दमा रोग रत्न
श्वास संबंधी बीमारियों को दूर करने हेतु मूंगा + पन्ना + मोती संयुक्त रूप से RING FINGER (अनामिका) में धारण करने से लाभ रहता है।
62
संतान प्राप्ति हेतु रत्न
संतान प्राप्ति हेतु विवाह के पश्चात संतान न होने पर, गुरुवार को पति दायें हाथ की तर्जनी में 5-1/2 रत्ती पुखराज पहने व पत्नी बायें हाथ की तर्जनी में ‘सुनैला’ रत्न 6-1/4 रत्ती का धारण करें।
63
चुनाव व राजनीति में विजय
चुनाव व राजनीतिक जीवन में सफलता के लिये दायें हाथ की अनामिका में कृत्तिका नक्षत्र में माणिक्य (RUBY) 5-1/4 रत्ती पहने तथा पुष्य नक्षत्र में पुखराज 5-1/4 रत्ती तर्जनी में पहने।
64
मांगलिक दोष व कन्या विवाह
मांगलिक दोष व बेटी के विवाह में रुकावट दूर करने हेतु मूंगा 5 रत्ती अनामिका में पहने। विधवा स्त्री की मदद करें, नौकरों से भद्र व्यवहार करें। हनुमान मंदिर में लाल झंडा व चोला चढ़ाएं।
65
शनि दुष्प्रभाव महाशांति
शनि के दुष्प्रभाव को दूर करने हेतु अंधे व लंगड़े व्यक्ति की सेवा करें। कुत्ते को न मारें। नारियल के खोपरे में तिल व बूरा भरकर जमीन में दबाएं। कौए व कुत्ते को रोटी दें। शनि-भैरव चालीसा पढ़ें।
66
प्रॉपर्टी व धन लाभ पोटली
आर्थिक लाभ व प्रॉपर्टी के काम में लाभ के लिये मंगलवार को लाल चंदन, गुलाब के 4 फूल, 4 साबुत सुपारी रोली में रंगकर लाल कपड़े में बांधकर उत्तर दिशा में तिजोरी या लॉकर में रखें व गंगाजल छिड़कें।
67
मानसिक उन्माद व गोमूत्र
पागलपन व मानसिक उन्माद दूर करने के लिए 100 से 200 ग्राम तक शुद्ध गोमूत्र छानकर प्रतिदिन प्रात:काल 30 दिन तक पीने से निश्चित लाभ होता है।
68
हाई बीपी व बासी रोटी
उच्च रक्तचाप (High BP) के लिए उपाय: गेहूं की बासी रोटी प्रात: ठंडे दूध में भिगोकर खाना उच्च रक्तचाप के लिये सर्वश्रेष्ठ रामबाण उपाय है।
69
सर्पगंधा चूर्ण हाई बीपी
उच्च ब्लडप्रेशर शांत हेतु सर्पगंधा को कूट-पीसकर कपड़े से छानकर रख लें। रोज 2-2 ग्राम प्रात: व सायं ताजे पानी से लें। ब्लडप्रेशर शीघ्र शांत होता है।
70
क्रोध शांति गुलकंद प्रयोग
अधिक क्रोध से बचने के लिए सायं काल 1 बड़ा चम्मच गुलकंद खाकर ऊपर से दूध पीयें तथा प्रात: 2 पके सेब नाश्ते से पहले खाएं।
71
मोटापा व चर्बी निवारण
मोटापा कम करने के लिये 25 ग्राम नींबू का रस और 20 ग्राम शुद्ध शहद गुनगुने पानी में मिलाकर 1 महीने पिएं। अतिरिक्त चर्बी घट जाती है।
72
नेत्र ज्योति वर्धक सौंफ योग
नेत्र ज्योति बढ़ाने के लिये सौंफ 500 ग्राम व खांड 500 ग्राम बारीक पीसकर मिलाकर रखें। रात्रि में 10 ग्राम चूर्ण 4 घूंट गुनगुने पानी से लें। मोतियाबिंद भी रुकता है।
73
पंचद्रव्य नजर दोष उतारना
नजर दोष मुक्ति हेतु नमक, राई, प्याज के छिलके, सूखी लाल मिर्च व लहसुन अंगारे पर डालें। उस अंगारे को रोगी के सिर से 21 बार उलटा घुमाएं; तुरंत नजर दूर होती है।
74
रुके कार्य में तत्पर सफलता
रुके काम में सफलता पाने के लिए घर से निकलते समय थोड़ी हींग दक्षिण दिशा में फेंक दें। पीली सरसों सिर से सात बार उलटा घुमाकर घर के बाहर आगे फेंक दें।
75
फंसा हुआ धन प्राप्ति
रुका धन पाने के लिए पीपल के सात पत्ते लेकर रोली से ‘श्री’ लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। ऊपर से गंगाजल चढ़ाएं और ‘ऊँ नम: शम्भवाय’ 7 बार बोलें (7 सोमवार करें)।
76
अधिकारी कृपा व कार्य सिद्धि
अधिकारी को अनुकूल करने के लिए लाल गुलाब का फूल एक गिलास पानी में टेबल पर रखें, एक फूल जेब में सफेद रुमाल में रखें। भेंट करने से पूर्व ‘ऊँ आदित्याय नम:’ फूंककर अधिकारी को दें।
77
दुर्भाग्य नाश व सौभाग्य
दुर्भाग्य दूर करने के लिए गुड़ व चना किसी संन्यासी को शुक्रवार को दें। अपने ऊपर से एक रोटी 31 बार उतार कर चौराहे पर रखें और कहें: ‘ऊँ दुर्भाग्य नाशिनी दुं दुर्गायै नम:’।
78
ऋण मुक्तेश्वर शिव प्रयोग
कर्जा मुक्ति सिद्ध प्रयोग: शुक्ल पक्ष के प्रथम मंगलवार को शिव मंदिर जाएं। शिवलिंग पर लाल मसूर की दाल 108 बार ‘ऊँ ऋण मुक्तेश्वर सदा शिवाय नम:’ बोलकर चढ़ाएं (8 मंगलवार)।
79
हनुमान ऋणमोचन पुआ प्रयोग
शुक्ल पक्ष मंगलवार को आटे में गुड़ मिलाकर मीठे पुए हनुमान मंदिर में चढ़ाएं और 108 बार जाप करें: ‘ऊँ हं हनुमते ऋणमोचने नम:’ तथा गरीबों को भोजन कराएं।
80
मंगल ऋणहर्ता स्तोत्र
मंगल ऋणहर्ता स्तुति: ‘मंगलो भूमिपुत्रश्च ऋणहर्ता धनप्रद:। स्थिरासनो महाकाय: सर्वकाम विरोधक:॥’ का 1 माला रुद्राक्ष से जाप कर घी का दीपक और 2 लौंग जलाएं।
81
लक्ष्मी द्वादश नाम सूर्य अर्घ्य
विष्णुप्रिया लक्ष्मी के 12 नामों से सूर्य को जल में रोली व चावल मिलाकर अर्घ्य देने से ऋण मुक्ति होती है: ‘त्रैलोक्य पूजिते देवि कमले विष्णु वल्लभे…’ द्वादश नाम का पाठ करें।
82
चींटियों को मिष्ठान्न भोग
बैंक लोन व कर्ज उतारने हेतु 1 सेर भुने चावल, पाव भर शक्कर व आधा पाव घी मिलाकर चींटियों के बिल पर एकांत पार्क में डालें; कर्ज मुक्ति के मार्ग खुलते हैं।
83
ऋण किश्त भुगतान नियम
मंगलवार को भूलकर भी कर्ज न लें। हां, कर्ज की किश्त शुक्ल पक्ष के पहले मंगलवार को ‘ऊँ ह्रीं ऋणमोचने स्वाहा’ मंत्र पढ़कर देने से कर्ज शीघ्र चुकता होता है।
84
गायत्री मंत्र व गुलाब प्रवाह
गायत्री मंत्र का 108 बार जाप करें। डेढ़ मीटर सफेद कपड़े में 5 लाल गुलाब, 5 लौंग व 5 बताशे बांधकर बहती नदी में प्रवाहित करें; पुराने से पुराना कर्जा उतरता है।
85
अमावस्या काली राई रक्षा
अमावस्या की रात्रि 12 बजे दाहिने हाथ में काली राई लेकर मकान की छत के 3 उलटे चक्कर लगाएं और दसों दिशाओं में राई के दाने फेंकें।
86
कर्ज लेने-देने का शुभ योग
रविवार, हस्त नक्षत्र या अमृतसिद्धि योग में भूलकर भी कर्ज न लें, चुकाना कठिन होता है। इन दिनों पुराना कर्ज वापस लौटाना अति शुभ फल देता है।
87
वृद्धि योग व संक्रांति नियम
संक्रांति के दिन या वृद्धि योग में कभी कर्ज न लें, वरना धन दक्षिण दिशा में गए मेघ की भांति वापस नहीं लौटता।
88
बुधवार को धन उधार निषेध
बुधवार को भूलकर भी किसी को रकम उधार या ब्याज पर न दें, धन डूबने की आशंका प्रबल रहती है और वसूली अत्यंत कठिन हो जाती है।
89
ईशान व नैऋत्य वास्तु संतुलन
मकान के वास्तु सुधार: ईशान कोण (North-East) पर बना भारी निर्माण हटाएं और नैऋत्य कोण (South-West) को ऊंचा व भारी बनाएं, कर्ज स्वतः समाप्त होता है।
90
जल टैंक वास्तु नियम
ईशान कोण में भूमिगत जल टैंक बनवाने से कर्ज घटता है। नैऋत्य कोण में कभी भी भूमिगत टैंक न बनाएं, अन्यथा रोग, शत्रु व कर्ज बढ़ते हैं।
91
उत्तरमुखी कुबेर तिजोरी
तिजोरी का मुख उत्तर की ओर खुले ऐसी व्यवस्था करें। तिजोरी में लक्ष्मी, गणेश व कुबेर यंत्र प्रतिष्ठित करें; सदा धन वृद्धि होगी और कर्ज समाप्त होगा।
92
ईशान कोण स्वच्छता व झाड़ू
घर के ईशान कोण में गंदगी, पुराने कपड़े या झाड़ू कभी न रखें। शाम के समय झाड़ू न लगाएं, केवल प्रात:काल सफाई करें।
93
रसोई में जूठे बर्तन निषेध
रात को रसोई में जूठे बर्तन कभी न छोड़ें। जूठे बर्तन रखने से दरिद्रता व क्लेश बढ़ता है। भोजनोपरांत अपने बर्तन स्वयं उठाकर रखें।
94
नक्षत्र दोष व भौम मंत्र
मृगशिरा, चित्रा व धनिष्ठा नक्षत्रों में कर्ज कभी न लें। यदि गलती से ले लिया हो तो ‘ऊँ धरणीसुताय नम:’ का 1 माला नित्य जाप करें।
95
मकड़ी के जाले व चंदन धूप
छत पर मकड़ी के जाले दरिद्रता लाते हैं। शनिवार को जाले साफ करें और घर में असली चंदन की अगरबत्ती जलाएं; यह दरिद्रता नाशक है।
96
पुराना लोहा निष्कासन
छत पर पड़ा पुराना सरिया, लोहा व टीन शनिवार को कबाड़ी को मुफ्त दे दें, बेचना नहीं चाहिए; इससे शनि दोष, रोग व कर्ज समाप्त होता है।
97
दीवारों की स्वच्छता
फर्श व दीवारों पर बच्चों द्वारा खींची पेंसिल की रेखाएं व धब्बे तुरंत साफ करें; व्यर्थ आलेखन क्लेश व ऋण बढ़ाते हैं।
98
केले के युगल पौधे रोपण
दीपावली की रात्रि दो केले के पौधे (नर व मादा) गमले में लगाएं, रोली-कुमकुम का तिलक करें। पौधे बड़े होने पर मंदिर में रोपित करें; कर्ज घटता है।
99
अशोक वृक्ष व कुबेर मंत्र
धनतेरस पर अशोक का वृक्ष गमले में घर लाएं, हल्दी-रोली से तिलक कर ‘ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं कुबेराय नम:’ की 10 माला जाप करें और जल दें; धन समृद्धि बढ़ेगी।
100
तुलसी-शालिग्राम संगम व दीप
घर में तुलसी के पौधे के पास शालिग्राम रखें और मौली से 7 बार लपेटें। सायंकाल घी का दीपक जलाकर स्तुति करें: ‘यन्मूले सर्वतीर्थानि यन्मध्ये सर्वदेवता:। यदग्रे सर्ववेदाश्च तुलसि त्वां नमाम्यहम्॥’
101
फंसा हुआ धन वसूली कौड़ी
उधार दिया धन वापस पाने हेतु: चितकबरी कौड़ी शनिवार को कर्जदार के मुख्य द्वार पर रख आएं और बोलें ‘ऊँ ह्रीं फट् स्वाहा’ (3 शनिवार करें)।
102
तिजोरी में लाल चंदन अर्पण
तिजोरी या गल्ले में धन संचय हेतु 8 मंगलवार लाल चंदन का पाउडर ‘ऊँ महाभोगप्रदे देवि महाकाम प्रपूरिते। सुखमोक्षप्रदे देवि धनदायै नमोऽस्तु ते॥’ बोलकर डालें।
103
पीपल पत्र श्रीराम व बजरंग बाण
मंगलवार को 11 पीपल के पत्तों पर लाल चंदन से ‘राम-राम’ लिखकर 11 बार बजरंग बाण पढ़कर हनुमान जी को चढ़ाएं (11 मंगलवार); कर्ज शीघ्र उतरता है।
104
श्वेतार्क गणपति पूजन
बुधवार को श्वेतार्क (मदार) गणपति पर सिंदूर व मोदक चढ़ाएं और गणेश मंत्र की 1 माला जपें; कर्ज दूर होता है और शत्रु शांत होते हैं।
105
गायत्री हवन व वास्तु दोष नाश
12 रविवार गायत्री मंत्र का 108 बार जाप कर हवन करें। हवन की ईंटों को अपने मकान निर्माण में लगाने से समस्त वास्तुदोष नष्ट होते हैं।
106
दक्षिणावर्ती शंख व रजत सिक्का
दक्षिणावर्ती शंख में बासमती चावल व चांदी के सिक्के भरकर लाल मौली बांधकर तिजोरी में रखें और जपें: ‘ऊँ श्री लक्ष्मी सहोदराय नम:’।
107
नित्य आरती व शंख ध्वनि
प्रात: व सायं घर में धूप-दीप जलाकर आरती करें व शंख ध्वनि करें; शंखनाद से रोग, शत्रु व कर्ज सभी समाप्त होते हैं और लक्ष्मी स्थिर होती है।
108
एकाक्षी दिव्य नारियल पूजा
एकाक्षी नारियल (एक आंख वाला नारियल) साक्षात लक्ष्मी कृपा का प्रतीक है। मिलने पर सिंदूर व चांदी का वर्क चढ़ाकर नित्य पूजा करें; दरिद्रता व अपयश कभी निकट नहीं आता।