नौ ग्रहों के नौ ज्योतिषीय उपाय
(9 Effective Astrological Remedies for 9 Planets)

ज्‍योतिष के नौ ग्रहों में से हर जातक के लिए कुछ ग्रह अनुकूल तो कुछ ग्रह प्रतिकूल होते हैं। अनुकूल ग्रहों को अधिक अनुकूल नहीं बनाया जा सकता। किसी कारण से किसी ग्रह का उचित परिणाम नहीं आ रहा तो उसके प्रभाव को बढ़ाने के लिए उपचार किया जा सकता है, दूसरी ओर विपरीत प्रभाव दे रहे ग्रहों का आवश्‍यक रूप से उपचार किया जाना चाहिए। इस लेख में मैं प्रत्‍येक ग्रह के दो उपचार सुझा रहा हूं। अगर आपकी कुण्‍डली में किसी भी ग्रह से प्रतिकूल परिणाम आ रहा हो तो उसके लिए एक और अनुकूल ग्रह के प्रभाव को बढ़ाने के लिए एक उपचार किया ही जा सकता है। इसके लिए विस्‍तार से कुण्‍डली विश्‍लेषण करवाने अथवा ज्‍योतिषी की विशिष्‍ट सलाह लेने की भी जरूरत नहीं है। ये उपचार या तो लाभ करेंगे अथवा लाभ नहीं करेंगे, नुकसान किसी भी सूरत में नहीं करेंगे।


सूर्य ग्रह के प्रभावों के लिए ज्योतिषीय उपाय

(Astrological Remedy for Planet of Sun)
  • सूर्य अनुकूल हो तो जातक का रुतबा अधिक होता है, प्रभावशाली व्‍यक्तित्‍व होता है। सामान्‍य तौर पर ऐसे जातक प्रशासनिक पदों अथवा प्रशासनिक कार्यों से जुड़े होते हैं। आपको रोजाना सुबह बारह बार सूर्य नमस्‍कार करना चाहिए।
  • सूर्य प्रतिकूल हो तो जातक का प्रभाव कमजोर होता है। अगर ऐसे जातक के पास पद भी आ जाए तो अधीनस्‍थ भी आपकी नहीं सुनते। दिनचर्या में नियमितता नहीं होती। ऐसे में सुबह सूर्योदय के समय तांबे के लोटे से ललिमायुक्‍त सूर्य को जल का अर्ध्‍य दें।

चन्द्र ग्रह के प्रभावों के लिए ज्योतिषीय उपाय

(Astrological Remedy for Planet of Moon)
  • चंद्रमा अनुकूल हो तो जातक की विचार शृंखला सशक्‍त होती है। जो काम करता है पूरी तरह फोकस होकर करता है। हंसमुख स्‍वभाव का होता है। विचार बहुत ही उत्‍पादक होते हैं। अपने क्षमता को बनाए रखने और बढ़ाने के लिए ऐसे जातक को रोजाना सुबह रुद्राक्ष की माला से ऊं नम शिवाय का 108 बार जप करना चाहिए।
  • चंद्रमा प्रतिकूल हो तो जातक मानसिक रूप से रुग्‍ण रहता है। यह आवश्‍यक नहीं कि मानसिक रोगी ही हो, बहुधा सामान्‍य डिप्रेशन, एंजायटी और ओसीडी जैसी समस्‍याएं ऐसे जातकों में आम होती हैं। रोजाना सुबह खाली पेट 10 से 12 ग्राम मक्‍खन का सेवन करने से चंद्रमा को बहुत बल मिलता है।

मंगल ग्रह के प्रभावों के लिए ज्योतिषीय उपाय

(Astrological Remedy for Planet of Mars)
  • मंगल अनुकूल हो तो जातक सहज रूप से ऊर्जावान होता है। मैनेजमेंट क्षेत्र में अच्‍छा काम करता है। जो टास्‍क हाथ में लेता है, उसे बहुत शिद्दत से पूरा करता है। ऐसे जातक किसी भी नए काम को हाथ में लेते हुए दो बार सोचते नहीं हैं। ऐसे जातक अपनी क्षमताओं को निरंतर बढ़ाने के लिए रोजाना सुबह नहाने के ठीक बाद हनुमान चालीसा का पाठ करें।
  • मंगल प्रतिकूल हो तो जातक में ऊर्जा नहीं रहती, थका थका रहता है। रक्‍त में विकार रहते हैं। हर बात में चिड़चिड़ाहट होती है। शीघ्रता से डर जाता है। परिवर्तन से घबराता है। मुख्‍य धारा में रहने के बजाय कहीं किनारे चुपचाप और सेफ बने रहने का प्रयास करता है। अगर जातक स्‍वस्‍थ है तो उसे हर तीन महीने में एक बार रक्‍तदान आवश्‍यक रूप से करना चाहिए, यह जातक की नकारात्‍मकता को कम करने में बहुत मदद करता है।

राहु ग्रह के प्रभावों के लिए ज्योतिषीय उपाय

(Astrological Remedy for Planet of Rahu)
  • राहु अनुकूल हो तो जातक दुर्गम माने जाने वाले कार्य आसानी से कर लेता है। स्‍वयं भी अच्‍छा षड्यंत्रकारी होने की क्षमता रखता है और दूसरों द्वारा किए गए ऐसे प्रयासों को बहुत आसानी से पकड़ लेता है। ऐसे जातक अपनी क्षमता से अधिक बड़ी अपनी इमेज बनाकर रखते हैं। राजनीतिज्ञों अथवा पब्लिक लाइफ के लोगों के आप पास बने रहते हैं और अच्‍छा लाभ अर्जित करते हैं। ऐसे जातकों को घर के मंदिर में रोजाना सुबह गुग्‍गल धूप जलाकर गाढ़ा धुआं करना चाहिए, इससे आपकी मारक क्षमता बहुत तेजी से बढ़ेगी।
  • राहु प्रतिकूल हो तो बिना किसी ठोस कारण से परेशानियां आती रहती हैं। जिन मामलों में आपका कोई लेना देना भी न हो, उसमें आपके फंसने की स्थितियां बन जाती हैं। ऐसे जातकों को हर रविवार भिखारियों या मानसिक विक्षिप्‍त या बेघर लोगों को कचौरियां खिलानी चाहिए

गुरु (बृहस्पति) ग्रह के प्रभावों के लिए ज्योतिषीय उपाय

(Astrological Remedy for Planet of Jupiter)
  • गुरु अनुकूल हो तो आपकी सामाजिक प्रतिष्‍ठा अच्‍छी होती है। परिवार में निरंतर मांगलिक कार्य होते रहते हैं। आपकी धार्मिक मान्‍यताएं और आस्‍थाएं सुदृढ़ होती हैं। आपको गंभीर और अनुकूल मानकर दूसरे लोग आपसे सलाह लेने के लिए आते हैं। गुरू की क्षमता को बढ़ाने के लिए आपको रोजाना सुबह नहाने के ठीक बाद श्रीमद भगवत गीता के एक अध्‍याय का पाठ करना चाहिए।
  • गुरु प्रतिकूल हो तो परिवार और कुटुंब में शांति नहीं रहती। स्‍वयं आपके मन में उद्विग्‍नता बनी रहती है। सामाजिक कार्यों से आपको अरुचि रहती है। जब भी परिवार में कोई शुभ कार्य होता है, उन दिनों में नकारात्‍मकता एकदम से बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति होने पर गुरुवार और रविवार के अत‍िरिक्‍त शेष पांच दिन नियमित रूप से पीपल की जड़ में जल अर्पित करना चाहिए।

शनि ग्रह के प्रभावों के लिए ज्योतिषीय उपाय

(Astrological Remedy for Planet of Saturn)
  • शनि अनुकूल हो तो जातक अधिकांशत: शांत रहता है, लंबी योजनाएं बनाता है। नकारात्‍मकता में भी प्रसन्‍न रहता है। अपने काम से काम रखता है। जो काम दूसरों के लिए असंभव जान पड़ते हों, वह कार्य न केवल अनुकूल शनि वाले जातक हाथ में लेते हैं बल्कि वर्षों और दशकों तक संभाले रखते हैं। ऐसे शनि वाले जातकों को काले कपड़े पहनें और टिप टॉप रहें, अगर दाढ़ी भी रखें तो वह करीने से कटी हुई होनी चाहिए।
  • शनि प्रतिकूल हो तो सबसे पहले जातक की टाइमिंग गड़बड़ा जाती है। जहां पहुंचना होता है, वहां हमेशा लेट पहुंचेगा, चाहे दो मिनट की लेट हो या दो घंटे की। सुबह उठने में लेट, काम शुरू करने में लेट और काम समाप्‍त करने में लेट। पूरी गंभीरता से काम करने के बावजूद उस कार्य की शाबासी नहीं मिल पाती है। ऐसे जातकों को प्रत्‍येक शनिवार शमी वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करने से बहुत लाभ मिलता है।

बुध ग्रह के प्रभावों के लिए ज्योतिषीय उपाय

(Astrological Remedy for Planet of Mercury)
  • बुध अनुकूल हो तो जातक न केवल बुद्धिमान होता है, बल्कि समस्‍याओं को सुलझाने में भी निपुण होता है। दिगाम बहुत तेज चलता है। भावनाओं की तुलना में तर्क का आश्रय आप अधिक लेते हैं। यह आपकी विशिष्‍टता भी है और शक्ति भी। अपने बुध को और अधिक प्रबल बनाने के लिए गणनाओं वाले खेल जैसे सुडोकू अथवा शतरंज नियमित रूप से खेलें।
  • बुध प्रतिकूल हो तो सेंस ऑफ ह्यूमर खराब होता है, चुटकुले तक समझ नहीं आते, गणित और फाइनेंंस उलझाहट लगता है। श्‍वास संबंधी शिकायत शीघ्र होती है। बुध को प्रबल करने के लिए हमेशा जेब में सॉफ्ट टॉफियां रखें, उन्‍हें बच्‍चों में बांटते रहें।

केतु ग्रह के प्रभावों के लिए ज्योतिषीय उपाय

(Astrological Remedy for Planet of Ketu)
  • केतु अनुकूल हो तो जातक जिस काम में एक बार लगता है, उसमें कार्य के समाप्‍त होने तक मोनोटोनस तरीके से लगा रहता है। देखने में यह नकारात्‍मक लग सकता है, लेकिन कार्य पूर्ण करने के लिहाज से यह अनु‍कूल सिद्ध होता है। ऐसे जातक केतु का अधिकतम लाभ लेने के लिए घर में ध्‍वजा अवश्‍य लगाएं
  • केतु प्रतिकूल हो तो बहुत अधिक प्रयास करने पर भी सफलता नहीं मिलती। ऐसा लगता है मानों सभी प्रयास मिट्टी में मिल रहे हैं। हताश कर देने की सीमा तक केतु कार्यों को रोके रखता है। ऐसे में हताशा को कम करने तथा कार्य को गति देने के लिए आवारा गली के कुत्‍तों की सेवा करें।

शुक्र ग्रह के प्रभावों के लिए ज्योतिषीय उपाय

(Astrological Remedy for Planet of Venus)
  • शुक्र अनुकूल हो तो जातक के जीवन में सुख साधनों का अभाव नहीं रहता। पुरुष जातक का दांपत्‍य जीवन अनुकूल रहता है। स्‍त्री जातक का शुक्र अनुकूल हो तो उसका स्‍वास्‍थ्‍य उत्‍तम रहता है। ऐसी स्‍त्री का मासिक धर्म गड़बड़ाता नहीं है। शुक्र का प्रभाव बढ़ाने के लिए सौंदर्य प्रसाधनों और इत्र का अधिक उपयोग करें।
  • शुक्र प्रतिकूल हो तो सुख साधनों का अभाव रहेगा। पुरुष जातक को स्त्रियों के प्रति द्वेष रहेगा। तेज गंध से सिर चकराने लगेगा। वाहन का सुख कम होगा। घर का वातावरण कलुषित रहेगा। शुक्र को अनुकूल करने के लिए नियमित रूप से गाय को गुड़ और रोटी खिलाएं।

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