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Jobs and Career Astrology (कुंडली में नौकरी व व्यवसाय के योग)
Jobs and Career Astrology (कुंडली में नौकरी व व्यवसाय के योग)

कुंडली में नौकरी व व्यवसाय के योग
(
Jobs and Career Astrology)

समय के साथ अवसरों की संख्‍या इतनी तेजी से बढ़ रही है कि किसी एक संस्‍थान में ही सैकड़ों तरह की नौकरियों के अवसर मिल जाते हैं। ऐसे में ज्‍योतिषियो के समक्ष भी यह चुनौती होती है कि जातक के लिए किस प्रकार की नौकरी की संभावना (Career Prediction) बताई जाए।

कुछ साल पहले तक यह कह दिया जाता था कि जातक लोहे का काम करेगा, अब लोहे के काम में लैथ मशीन से लेकर रेलवे के डीआरएम तक के काम आ सकते हैं। लोहे का इस्‍तेमाल कुदाली बनाने के लिए भी होता है कि नासा के रॉकेट बनाने के लिए भी। ऐसे में केवल लोहे का काम करने के लिए कहना पर्याप्‍त नहीं होगा।

दूसरी और अगर सही समय पर ज्‍योतिषी की सलाह (Career Astrology Consultancy) लेने पहुंचे हैं और जातक छात्र अवस्‍था में है तो यह भी देखना होगा कि आगे किस विषय में पढ़ाई करवाई जाए जिससे नौकरी मिलना अपेक्षाकृत आसान रहे। जिन जातकों की कुण्‍डली में व्‍यवसाय अथवा स्‍वतंत्र कार्य (Career Options Analysis in Horoscope) करने की संभावना दिख रही हो, उन्‍हें भी अपनी रुचि और संभावनाओं दोनों के लिए अध्‍ययन के विषयों को गंभीरता से देखना होगा, अन्‍यथा एक स्‍तर तक पढ़ाई के करने के बाद अधिकांश छात्र खुद को दिशाहीन पाते हैं।

तीसरी स्थिति होती है अलग अलग स्‍तर पर अलग अलग तरह के अध्‍ययन और उन सभी विषयों का नौकरी में उपयोग होना। यह भी एक रोचक स्थिति है कि बहुत से जातकों की कुण्‍डली में उच्च का गुरू (Exalted Jupiter in Kundli) होने के बावजूद उन्‍हें उस क्षेत्र में कभी सफलता नहीं मिलती, जिस क्षेत्र का उन्‍होंने अध्‍ययन किया है अथवा ट्रेनिंग ली है, बल्कि उस क्षेत्र के अलावा अन्‍य कई क्षेत्रों में उनकी सफलताएं स्पष्‍ट दिखाई देती हैं।

इन सभी बिंदुओं को ध्‍यान में रखते हुए ही ज्‍योतिषी तीन स्‍तर पर जातक को सलाह दे सकता है। पहला कि अध्‍ययन के लिए कौनसे विषय का चुनाव करे, दूसरा किस क्षेत्र में उसे सफलता मिलेगी और तीसरा उसका जीवन स्‍तर किस स्‍तर तक जा सकता है। राहत की बात यह है कि आज के दौर की अनंत संभावनाओं के बीच भी प्राचीन ज्‍योतिषीय योगों (Ancient Astrological Formulas) से इनके बारे में मोटे स्‍तर पर बताया जा सकता है। बाकी जातक को स्‍वयं ही उस क्षेत्र को भीतर तक जाकर अपनी जगह बनानी होती है।

परंपरागत ज्‍योतिष में मोटे तौर पर लग्‍न और दशम भाव से नौकरी का (Tenth House in Horoscope), पंचम भाव से प्राथमिक शिक्षा (Fifth House in Horoscope) और नवम भाव से उच्‍च शिक्षा (Ninth House in Horoscope) के बारे में जानकारी देखी जाती रही है। इसके साथ ही इन भावों के साथ ग्रहों के संबंध के अनुसार नौकरी की संभावनाओं को बता दिया जाता था। जैसे जैसे संभावनाओं का विस्‍तार होता गया, यह पुराने योग बहुत अधिक सहायक नहीं रहे।


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