Home Planet शनि के विभिन्न वाहन और उनका महत्व

शनि के विभिन्न वाहन और उनका महत्व

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शनि के विभिन्न वाहन और उनका महत्व
शनि के विभिन्न वाहन और उनका महत्व

शनि के विभिन्न वाहन और उनका महत्व


शनि देव को हिन्दू धर्म में न्याय का देवता कहा जाता है। कई लोग इन्हें कठोर मानते हैं क्योंकि इनके प्रकोप से कोई भी नही बच पाता है। परंतु ऐसा सही नहीं है। शनि देव न्याय के देवता हैं और उनका न्याय निष्पक्ष होता है। निष्पक्ष न्याय में दंड भी मिलता है और शुभ फल भी।

शनि चालीसा में शनिदेव के सात वाहनों के बारे में बताया गया है। इसके अलावा शनिदेव के अन्य 4 वाहन और भी हैं। ये शनिदेव के अलग वाहनो पर सवारी करते हुये स्वरूप के अलग अलग प्रभाव होते हैं। जातक की कुंडली में शनिदेव की स्थिति, अलग अलग दृष्टियों और अन्य ग्रहों से होने वाली युति को ध्यान में रखते हुये, जातक को शनि के अलग अलग (वहाँ पर सवारी करते हुये) स्वरूप की आराधना करनी चाहिए।

शनि देव के विभिन्न वाहन और उनके फल

  1. शनिदेव का हंस वाहन

शनिदेव के सभी  वाहनों में हंस पर सवार शनि भगवान को सबसे शुभ माना जाता है। हंस पर सवार शनिदेव को व्यक्ति के मान-सम्मान और संपन्नता का प्रतीक माना गया है।

अपनी बुद्धि औए मेहनत करके भाग्य का पूरा सहयोग ले सकते है। इस अवधि में आर्थिक में सुधार देखने को मिलता है। हंस को शनि के सभी वाहनों में सबसे अच्छा वाहन कहा गया है।

शनि का हंस वाहन - शनिदेव के हंस पर सवार प्रतिरूप के दर्शन और पूजन के लाभ प्राप्त करने हेतु इस चित्र को अपने कंप्यूटर का वालपेपर बनाए अथवा प्रिंट करवाकर अपने कार्यस्थल में लगाएँ। Astrologer Sidharth Jagannath Joshi
शनि का हंस वाहन – शनिदेव के हंस पर सवार प्रतिरूप के दर्शन और पूजन के लाभ प्राप्त करने हेतु इस चित्र को अपने कंप्यूटर का वालपेपर बनाए अथवा प्रिंट करवाकर अपने कार्यस्थल में लगाएँ। Astrologer Sidharth Jagannath Joshi
  1. शनिदेव का मोर वाहन

शनि की का वाहन मोर हो तो  शुभ फल होता है। इस समय  अपनी मेहनत के साथ-साथ भाग्य का साथ भी मिलता है। इस दौरान समझदारी से काम करने पर बड़ी-बड़ी परेशानी से भी पार पाया जा सकता है।

  1. शनिदेव का सियार वाहन

शनि का वाहन सियार हो तो इसे अशुभ माना जाता है। इस दौरान शुभ फल की प्राप्ति नहीं होती है। आर्थिक नुकसान होने की संभावना ज्यादा रहती है। इस दौरान अशुभ सूचनाएं अधिक मिलने की संभावनाएं बढ़ जाती है। इस स्थिति में  बहुत ही हिम्मत से काम लेना होता है।

  1. शनिदेव का भैंसा वाहन

शनि का वाहन भैंसा हो तो व्यक्ति को उसके जीवन में उसे मिला-जुला फल प्राप्त होता है। तमाम कोशिशों के बाद ही उसे कार्यों में सफलता मिलती है।

इस स्थिति में समझदारी और होशियारी से काम करना ज्यादा बेहतर होता है। यदि  सावधानी से काम नहीं लेंगे तो कटु फलों में वृद्धि होने की संभावना बढ़ जाती है।

  1. शनिदेव का कौआ वाहन

शनि का वाहन कौआ हो तो परिवार के सदस्यों के बीच में कलह बढ़ जाती है। ऐसे समय में शांति से मसले सुलझाना चाहिए।

परिवार या दफ्तर में किसी मुद्दे को लेकर कलह या टकरावों की स्थिति से बचना चाहिए। इस समय में शांति, संयम और मसले को बातचीत से हल करने का प्रयास करना चाहिए।

  1. शनि देव का हाथी वाहन

हाथी भी शनि देव का वाहन होता है जिसे शुभ नहीं माना जाता है। यह विपरीत फल देता है। लोगों की आशा के विपरीत फल देता है। इस स्थिति में  साहस और हिम्मत से काम लेना चाहिए

  1. शनिदेव का सिंह वाहन

सिंह पर सवार होने से शत्रुओं पर विजय प्राप्ति होती है। शनि की सवारी सिंह हो तो शुभ फल मिलता है। इस समय समझदारी और चतुराई से काम लेना चाहिए इससे शत्रु पक्ष को परास्त करने में मदद मिलती है।

  1. शनिदेव का घोड़ा वाहन

यदि शनिदेव का वाहन घोड़ा हो तो शुभ फल मिलते हैं। जातक को उसके कर्मों के हिसाब से फल प्रदान करते हैं। घोड़े को शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इस समय समझदारी से काम लें तो अपने शत्रुओं पर आसानी से विजय पा सकते हैं। घोड़े को शक्ति का प्रतीक माना जाता है, इसलिय व्यक्ति इस समय जोश और उर्जा से भरा होता है।

  1. शनिदेव का गधा वाहन

जब शनिदेव का वाहन गधा होता है तो यह शुभ नहीं माना जाता, शुभ फलों को मिलने में कमी होती है।  इस स्थिति में कार्यों में सफलता प्राप्त करने में लिए काफी प्रयास करना होता है। अर्थात काफी प्रयास के बाद ही सफलता प्राप्त होती है।

  1. शनिदेव का गिद्ध वाहन

शनिदेव जब गिद्ध पर सवार होकर आते हैं तो व्यक्ति को अनेक तरह की बीमारियां घेर लेती है

  1. शनिदेव का कुत्ता वाहन

शनिदेव जब कुत्ते पर सवार होकर किसी की राशि में जाते हैं तो उसे चोरी या पैसों के नुकसान होने का डर रहता है

  1. शनिदेव का हिरन वाहन

जब शनिदेव हिरन पर सवार होकर आते हैं तो मृत्यु के समान कष्ट झेलने पड़ते हैं। हर तरफ से परेशानी ही परेशानी आती है


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