Home Astrologer Consultant रत्नों द्वारा ज्योतिषीय उपाय – Astrological Remedies by Gemstones

रत्नों द्वारा ज्योतिषीय उपाय – Astrological Remedies by Gemstones

रत्नों द्वारा ज्योतिषीय उपाय - Astrological Remedies by Gemstones
रत्नों द्वारा ज्योतिषीय उपाय - Astrological Remedies by Gemstones

रत्नों द्वारा ज्योतिषीय उपाय
(Astrological Remedies by Gemstones)

ज्‍योतिषीय  उपाय की बात हो तो जातक का सबसे पहले ध्‍यान जाता है ज्‍योतिषीय रत्‍नों (Astrological Gemstones) की तरफ, यहां प्रश्‍न यह है कि क्‍या वास्‍तव में ज्‍योतिषीय उपायों के लिए रत्‍न जरूरी है। एक ज्‍योतिष विशेषज्ञ के रूप में मेरा स्‍पष्‍ट जवाब है, नहीं, उपचार के लिए रत्‍न या जैमस्‍टोन कभी कभार ही काम के होते हैं।

ज्‍योतिषीय उपचारों में रत्नो (Gemstones) से उपचार महज तीन या चार प्रतिशत भाग ही है, बाकी 97 प्रतिशत ज्‍योतिषीय उपचार दान, साधना और प्रयोग से होते हैं। परन्‍तु बाजार की ताकत और रत्नों के रूप में जातक को “कुछ” मिलने की लालसा ने ज्‍योतिष में जैमस्‍टोन या कहें रत्‍नों के व्‍यापार को इतना बड़ा बना दिया है।

मोटे तौर पर किसी जातक को रत्‍न पहनाने के पीछे मंशा यह होती है कि संबंधित ग्रह को बल दिया जाए अथवा किसी नकारात्‍मक प्रभाव वाले ग्रह (Malefic Planet) के दुष्‍प्रभाव को समाप्‍त किया जाए। सूर्य को बल देने के लिए माणिक्‍य (Ruby Gemstone for Sun), चंद्रमा को बल देने के लिए मोती (Pearl Gemstone for Moon), मंगल को बल देने के लिए मूंगा (Coral Gemstone for Mars), बुध को बल देने के लिए पन्‍ना (Emerald Gemstone for Mercury), वृहस्‍पति को बल देने के लिए पुखराज (Yellow Sapphire Gemstone for Jupiter), शुक्र को बल देने के लिए हीरा (Diamond for Venus) और राहू का दुष्‍प्रभाव कम करने के लिए गोमेद (Hessonite Gemstone for Rahu) और इसी तरह केतु का दुष्‍प्रभाव कम करने के लिए लहसुनिया (Cat Eye Gemstone for Ketu) यानी कैट आई पहनाने का रिवाज रहा है।

कालान्‍तर में इन रत्‍नों के अतिरिक्‍त ढेरों उपरत्‍न बाजार में आ चुके हैं। वृहस्‍पति का उपरत्‍न सुनहला, नीलम का उपरत्‍न  कटैला, शुक्र के लिए हीरे के विकल्‍प के रूप में उपरत्‍न  स्फटिक , पन्‍न के उपरत्‍न के रूप में किडनी स्‍टोन या दाना फिरंग , बुध ग्रह के लिए ही उपरत्‍न  फिरोजा और जबरजद्द और ऐसे ही तुरमली का इस्‍तेमाल किया जाता है।

हीरे तथा मोती के जोड़ के लिए उपरत्‍न ओपल, संग सितारा, जरकन, माहेमरियम, लाजर्वत, तामड़ा या गारनेट, चन्द्रकांतमणी या गोदंती जिसे मून स्‍टोन भी कहते हैं, शनि के लिए गनमैटल इस्‍तेमाल किया जाता है।

इसी तरह मकनातीस, काला स्टार, टाइगर आई, बुध और शनि के लिए मरगज और ओनेक्स काम में लिया जाता है। हकीक रंग के अनुसार ग्रह का पत्‍थर कहकर पहनाया जाता है। सुलेमानी, हकीक यमनी, बैरुज, धुनैला, सजरी, होलदिली, अलेक्जैंडर, लालडी, रोमनी, नरम, लूधिया, सिंदुरिया, नीली, पितौनिया, बासी, दूरे नजफ, आलेमासी, जजेमानी, सीवार, तुरसावा, अहबा, आबरी, कुदरत, चित्ती, संगसन, लारु, मार्बल, कसौटी, हकीक गल बहार, हालन, मुवे नज़फ, कहरवा, झरना, संगबसरी, दांतला, मकड़ा, संगिया, गुदड़ी, सिफरी, कांसला, हदीद, हवास, सींगली, ढेडी, गौरी, सीया, सीमाक, मूसा, पनघन, अमलिया, डूर, तिलियर, खारा, फात जहर, सेलखड़ी, जहर मोहरा, रवात, सोन मक्खी, हजरते ऊद, सुरमा, पारस पत्थर, रेनबो क्‍वार्ट्ज।

ये सभी रत्‍न और उपरत्‍न वास्‍तव में बहुत छोटी सी सीमा में ही ज्‍योतिषीय उपचारों के तौर पर काम में आते हैं। हर कुण्‍डली के कारक ग्रह के रत्‍न किसी भी जातक को पहनाए जा सकते हैं, बशर्ते उन कारक ग्रहों का संबंध लग्‍नेश और नवमेश के साथ हो। अगर किसी कारक ग्रह का संबंध लग्‍नेश और नवमेश के साथ न हो तो उस ग्रह से संबंधित रत्‍न पहनाने से कोई लाभ नहीं होगा।

अगर किसी क्रूर ग्रह से नुकसान हो रहा हो, तो उस ग्रह से संबंधित रत्‍न पहनाना अधिक नुकसान देगा, मेरे एक मकर लग्‍न के जातक के लिए मंगल बाधकस्‍थानाधिपति  था, इसके बावजूद एक ज्‍योतिषी ने अपने पास पड़ा बड़ा सा महंगा मूंगा उन्‍हें टिका दिया, सोने की अंगूठी में जड़वाकर वह मूंगा जातक ने पहन लिया और उसके बाद से मानसिक रूप से परेशान रहने लगे। जब तक मेरे पास आए बहुत खराब स्थिति में थे। मैंने मूंगा उतरवा दिया, उसके कुछ ही दिन में फिर से सहज हो गए। उसके बाद से उन्‍होंने कभी कोई रत्‍न नहीं पहना।

इसी प्रकार अगर तृतीय भाव में पहले से क्रूर ग्रह मौजूद हों तो किसी भी प्रकार का रत्‍न पहनना जातक के लिए प्रतिकूल फल देने वाला सिद्ध होता है।

वृषभ, तुला, मकर और कुंभ लग्‍नों में शनि कारक ग्रह होता है, लेकिन इन सभी लग्‍न वाले जातकों को नीलम नहीं पहनाया जा सकता, क्‍योंकि नीलम की दोहरी प्रकृति होती है, अगर अच्‍छा करता है तो बहुत अच्‍छा करता है, बर्बाद करता है तो पूरी तरह बर्बाद करता है। ऐसे में नीलम पहनाने में सावधानी  ही रखनी चाहिए।

मिथुन और कन्‍या लग्‍न के जातकों की कुण्‍डली में वृहस्‍पति दो केन्‍द्रों का अधिपति होते हुए भी बाधक और मारक दोनों बनता है, ऐसे में इन दोनों ही लग्‍नों के जातकों को अव्‍वल तो पुखराज नहीं पहनना चाहिए, अगर पहनें तो कुण्‍डली की पूरी स्थिति को ध्‍यान में रखकर बहुत सावधानी  से ही धारण करें।

धनु और मीन लग्‍न के जातकों के लिए इसी प्रकार बुध मारक और बाधक दोनों होता है, अगर कुण्‍डली में बुध नकारात्‍मक परिणाम दे रहा हो तो उसके शमन के लिए पन्‍ना पहनाने के अलावा दूसरे उपचार करने का प्रयास करना चाहिए।

जितने सिद्धांत रत्‍न पहनाने के लिए बताए जा सकते हैं, लगभग उतने ही सिद्धांत इसके निषेध के भी हैं। किसी भी जातक को केवल राशि देखकर, या केवल लग्‍न देखकर या दशा देखकर ही रत्‍न पहनाने का उपचार बताना उचित नहीं है। कई बार इससे लाभ होने के स्‍थान पर नुकसान भी हो जाता है। ऐसे जातकों की संख्‍या भी कम नहीं है, जिन्‍होंने पहले किसी ज्‍योतिषी के कहने पर दस, बीस या पचास हजार रुपए खर्च करके रत्‍न पहना और उसका उन्‍हें कोई लाभ नहीं दिखाई दिया। प्रतिदिन सुबह आठ सौ ग्राम पालक गायों को खिलाना एक लाख रुपए की कीमत का पन्‍ना सोने की अंगूठी में धारण करने से अधिक प्रभावी परिणाम देता है।


विभिन्न ग्रहों की महादशाओं में आने वाली व्यवसाय, स्वास्थ्य, धन, दांपत्य जीवन, प्रेम संबंध, कानूनी, पारिवारिक समस्याओं आदि के ज्योतिषीय समाधान के लिए आप मुझ से फोन अथवा व्हाट्सएप द्वारा संपर्क कर सकते हैं । CallWhatsApp