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लाल किताब के अनुसार बुध के प्रभाव और उपाय (Mercury Effect in Various Houses of Kundali according to Lal Kitab)
लाल किताब के अनुसार बुध के प्रभाव और उपाय (Mercury Effect in Various Houses of Kundali according to Lal Kitab)

लाल किताब के अनुसार बुध के सभी भावों में उपाय
Lal Kitab Remedies for Mercury in various houses

बुध सौरमंडल का सबसे छोटा और सूर्य के सबसे निकट स्थित ग्रह है। यह व्यक्ति को विद्वता, वाद-विवाद की क्षमता प्रदान करता है। यह जातक के दांतों, गर्दन, कंधे व त्वचा पर अपना प्रभाव डालता है।

बुध, सौर मंडल के आठ ग्रहों में सबसे छोटा और सूर्य से निकटतम है। बुध हरे का रंग शीतल और नम ग्रह है। ज्योतिष और वैदिक ग्रंथों में, बुध को एक कोमल ग्रह के रूप में देखा जाता है या कह सकते हैं कि चंद्रमा के गुण रखने वाला ग्रह है। इसके अलावा, बुध को चंद्रमा का पुत्र भी कहा जाता है। ज्योतिषीय दृष्टि से बुध तीसरे एवं छठे क्रमशः मिथुन एवं कन्या राशि स्वामी है। कन्या राशि में शुरूआती 15 डिग्री में बुध उच्च का एवं बाकी 15 डिग्री में मूलत्रिकोणी कहलाता है। मिथुन में बुध स्वगृही होता है। हालांकि, मीन राशि में बुध नीच का होता है।

बुध को युवा, बेचैन, चंचल, बुद्धिमान, प्रज्ञात्मक, चतुर, मजाकिया, मनोरंजक, बातूनी, विश्लेषणात्मक, तार्किक, वैज्ञानिक, गणनात्मक, हंसमुख और लापरवाह, लचीले स्वभाव, बहुमुखी, हाजिर जवाबी, मिलनसार, मित्रवत, तार्किक विशेषताआें के कारण जाना जाता है। जिन जातकों की जन्म कुंडली में बुध अच्छी जगह या अच्छी स्थिति में होता है, उन जातकों में उपरोक्त गुण एवं विशेषताएं काफी प्रफुल्लित होती हैं।

बुध लौकिक गणितज्ञ, लेखाकार, लेखक, ज्योतिषी, व्यापारी और बनिया है। यह कम्युनिकेशन व कम्युनिकेशन के साधनों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, कंप्यूटर्स, इंटरनेट, टेक्नोलाॅजी, काॅमर्स, ट्रेड व इंडस्ट्री, वित्त, बैंक, माल-व्यापारियों, उद्यमी व बनिया का प्रतिनिधित्व करता है। अनुसंधान, प्रशिक्षण, छपार्इ एवं प्रकाशन संस्थान, लेखन, संपादन, ख़बर एजेंसियां, पत्रकारिता, उद्यमिता, सोशल मीडिया, बैंकिंग, कम्युनिकेशन्स इत्यादि क्षेत्रों से बुध जुड़े हुए हैं। इसके अलावा लेखक, संपादक, काॅमेडियन, ठिठोलिया, कार्टूनिस्ट, शोधकर्ता, प्रशिक्षकों, विज्ञापन पेशेवर, टेली-कम्युनिकेशन विशेषज्ञ, गणितज्ञ, सांख्यिकीविद्, नेटवर्क इंजीनियर, सांकेतिक शब्दों में बदलने वाला बुध के प्रभाव से बेहद प्रभावित होता है।

कुल मिलाकर, ज्योतिष का मानना है कि बुध हम को सोचने की क्षमता, निष्कर्ष पर पहुंचने का बल, विचारों को समझने एवं आत्मसात का साहस, परिकल्पना को समझने की समझ, विचारों एवं ख्यालों को अभिव्यक्त करने की क्षमता, हमारी राय के बारे में दूसरों को समझाने की कला, दूसरों को हंसाने का फन, भीतर की भावनाआें को शब्दों में उतारने की क्षमता प्रदान करता है। जैसे कि चंद्रमा हमारी प्रतिक्रिया का प्रतिनिधित्व करता है, उसी तरह बुध हमारी प्रतिक्रिया के तरीके का प्रतिनिधित्व करता है या कह सकते हैं कि हम घटनाआें पर किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं, उसमें बुध की भूमिका अहम होती है।

इसके अलावा वाक्-पटुता, समझ, बुद्धिमत्ता, मनोवृत्ति, तर्क, वाणी, चपलता, बहुमुखी, दक्षता, मामा, यात्राएं, ज्ञान के ग्रंथ एवं अन्य दूसरी चीजों को द्योतित करता है।

ज्योतिष में, बुध को एक परोपकारी ग्रह के रूप में जाना जाता है। किंतु, आपकी जन्म कुंडली में बुध की अन्य ग्रहों के साथ युति या भाव में उपस्थिति आपके व्यवहार का निर्धारण करती है। यदि बुध पाप ग्रहों के साथ युति में है तो बुध ग्रह नकारात्मक प्रभाव भी डाल सकता है। इसलिए, बुध को चंचल एवं अचल ग्रह के रूप में भी जाना जाता है।

यदि आपकी जन्म कुंडली में बुध बुरी स्थिति में है तो आपको कमजोर तंत्रिका तंत्र, मस्तिष्क संबंधी विकार, अभिव्यक्ति, बोलने, लिखने व शिक्षा संबंधी समस्याएं, धीमी उत्तरदायी प्रणाली, सुस्त प्रकृति, कठोर भाषा की प्रवृत्ति, संक्षिप्त वैवाहिक जीवन, चमड़ी संबंधी समस्याएं, कमजोर याददाश्त, धन जोड़ने में असमर्थ, कमजोर दांत एवं अन्य समस्याएं होने की संभावना है।

हालांकि, गणेशजी आपको बुध को शक्तिशाली बनाने के लिए कुछ उपाय बताने जा रहे हैं, ताकि आप बुध के सकारात्मक प्रभाव को जागृत कर अपने जीवन को सरल बनाने में सक्षम होंगे। इसके लिए आप निम्न बताए जा रहे सुझाव अपनाएं।

  • भवगान विष्णु की पूजा करें एवं बुधवार को विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का जाप करें।
  • आप अपनी छोटी उंगली में लोहे की रिंग पहनें, यदि हो सके तो बुधवार को धारण करें।
  • बुधवार के दिन बकरी को हरा घास डालकर आएं।
  • गरीबों को हरी वस्तुएं दान करें।
  • तांबे से बनी वस्तुएं जरूरतमंद लोगों को दान करें।
  • आप छोटे बच्चों की मदद कर सकते हैं। आप बच्चों को शिक्षा एवं खाद्य सामग्री उपलब्ध करवा सकते हैं।

    बुध के जन्‍म की कहानी Budh ki kahani planet mercury budh grah lal kitab
    कुंडली के विभिन्न भावों मे बुध ग्रह का प्रभाव (लाल किताब के अनुसार)

बुध प्रथम भाव (पहले घर) में (बुध खाना नंबर 1)
Mercury in First (1st) House

पहले घर में स्थित बुध जातक को दयालु, विनोदी और प्रशासनिक कौशल के साथ राजनयिक बनाता है। आमतौर पर ऐसा लम्बे समय तक जीता है, स्वार्थी हो जाता है तथा स्वभाव से नटखट होकर, मांशाहार और मदिरा पान की ओर आकृष्ट हो जाता है। जातक को सरकार से मदद मिलती है और उसकी बेटियां राजसी जीवन जीती हैं। जिस भाव में सूर्य बैठा है उस भाव से संबंधित रिश्तेदार बहुत कम समय में खूब पैसा कमा कर धनवान बन जाते हैं। स्वयं जातक के पास भी आमदनी के कई स्रोत होते हैं। यदि सूर्य बुध के साथ पहले भाव में हो अथवा बुध सूर्य के द्वारा देखा जाता हो तो जातक की पत्नी किसी अमीर और कुलीन परिवार से आएगी और अच्छे स्वभाव वाली होगी। ऐसा जातक मंगल से दुष्प्रभावी हो सकता है लेकिन इसे सूर्य से बुरे परिणाम नहीं मिलेंगे। राहु और केतु बुरे प्रभावी होंगे जो जातक के वंशजों और ससुराल वालों के लिए हानिकारक होंगे। पहले घर में स्थित बुध के कारण जातक दूसरों को प्रभावित करने की कला में माहिर होगा और वह किसी राजा की तरह जिएगा। पहले घर में बुध नीच का हो और चंद्रमा सातवें घर में हो तो जातक नशे के कारण अपना विनाश कर लेता है।

पहले घर मे बुध के उपाय (Remedies for Mercury in First House)

  • हरे रंग और शालियों से यथासंभव दूर रहें।
  • अंडा, मांस और मदिरा का सेवन न करें।
  • घूम फिर कर करने वाले व्यापार से एक ही स्थान पर बैठ कर करने वाला व्यापार अच्छा और फायदेमंद रहेगा।

बुध द्वितीय भाव (दूसरे घर) में (बुध खाना नंबर 2)
Mercury in Second (2nd) House

दूसरे भाव में स्थित बुध जातक को बुद्धिमान, आत्मकेन्द्रित, दुश्मनों का विनाशक और धोखेबाज बनाता है। वह अपने पिता को पर्याप्त सुख देने में सक्षम होगा। वह धनवान होगा। मंगल और शुक्र से संबंधित चीजें फायदेमंद रहेंगी।

दूसरे घर मे बुध के उपाय (Remedies for Mercury in Second House)

  • अंडे, मांस और शराब से बचें।
  • शालियों से संबंध हानिकारक होंगे।
  • भेड़, बकरी, और तोता पालना सख्त वर्जित है।

बुध तृतीय भाव (तीसरे घर) में (बुध खाना नंबर 3)
Mercury in Third (3rd) House

तीसरे घर में बुध अच्छा नहीं माना जाता। बुध ग्रह, मंगल ग्रह शत्रु है लेकिन मंगल ग्रह बुध से शत्रुता नहीं मानता। इसलिए जातक अपने भाई से लाभ प्राप्त करते हैं, लेकिन वह अपने भाई या दूसरों के लिए फायदेमंद नहीं होगा। इसके नौवें तथा ग्यारहवें घर में दृष्टि प्रभाव के कारण जातक की आय और पिता की हालत पर बहुत प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

तीसरे घर मे बुध के उपाय (Remedies for Mercury in Third House)

  • हर रोज फिटकिरी से अपने दाँत साफ करें।
  • पक्षियों की सेवा करें और एक बकरी दान करें।
  • दक्षिण्मुखी घर में न रहें।
  • अस्थमा की दवाएं वितरित करें।

बुध चतुर्थ भाव (चौथे घर) में (बुध खाना नंबर 4)
Mercury in Fourth (4th) House

चौथे घर में बुध वाला जातक भाग्यशाली माना जाता है, अपनी माँ का दुलारा, अच्छा व्यापारी और सरकार से लाभ पाने वाला होता है। हालांकि इस घर में बुध जातक की आय और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।

चौथे घर मे बुध के उपाय (Remedies for Mercury in Fourth House)

  • मानसिक शांति के लिए चांदी की चेन पहने और धन-संपत्ति पाने के लिए सोने की चेन पहनें।
  • माथे पर 43 दिनों के लिए नियमित रूप से केसर का तिलक लागाएं।
  • बंदरों को गुड खिलाएं और उनकी सेवा करें।

बुध पंचम भाव (पांचवे घर) में (बुध खाना नंबर 5)
Mercury in Fifth (5th) House

इस घर में बुध जातक को खुश, अमीर और बुद्धिमान बनाता है। जातक के मुह से अचानक निकली बातें सच हो जाया करेंगी। यह स्थिति और भी बेहतर होगी यदि चंद्रमा या कोई पुरुष ग्रह तीसरे, पांचवें, नौवें या ग्यारहवें घर में स्थित हो। लेकिन यदि चंद्रमा और बृहस्पति अच्छे भावों में न हों तो बुध हानिकारक हो जाता है।

पांचवें घर मे बुध के उपाय (Remedies for Mercury in Fifth House)

  • धन प्राप्त करने के लिए सफेद धागे में तांबे का एक सिक्का पहनें।
  • पत्नी की प्रसन्न्ता और अच्छी किस्मत लिए गायों की सेवा करें।
  • गोमुखी घर (सामने संकीर्ण और अंत में व्यापक) अत्यधिक शुभ साबित होगा जबकि शेरमुखी घर (सामने व्यापक और अंत में संकरा) अत्यधिक विनाशकारी साबित होगा।

बुध षष्ठम भाव (छठे घर) में (बुध खाना नंबर 6)
Mercury in Sixth (6th) House

छठवें घर में बुध उच्च का होता है। जातक आत्मनिर्भर और कृषि भूमि, स्टेशनरी, प्रिंटिंग प्रेस और व्यापार से लाभ प्राप्त करने वाला होता है। उसके मुंह से निकलने वाले शब्द चाहे अच्छे हों या बुरे, कभी भी बेकार नहीं जाते। उत्तर दिशा की ओर मुंह वाला घर बुरे प्रभाव देगा। उत्तर दिशा में बेटी की शादी करने से जातक को हर तरह से दु:ख मिलेगा।

छठे घर मे बुध के उपाय (Remedies for Mercury in Sixth House)

  • कृषि भूमि में गंगा जल से भरा बोतल दफनाएं।
  • अपनी पत्नी के बाएं हाथ में चांदी की एक अंगूठी पहनांए।
  • किसी भी महत्वपूर्ण काम की शुरुआत किसी कन्या या बेटियों की उपस्थिति में करें अथवा हाँथ में फूल लेकर करना शुभ रहेगा।

बुध सप्तम भाव (सातवें घर) में (बुध खाना नंबर 7)
Mercury in Seventh (7th) House

पुरुष कुंडली में सातवें घर में स्थित बुध जातक के शुभचिंतकों के लिए शुभ परिणाम देता है। स्त्री जातक की कुण्डली में भी यह अच्छा परिणाम देता है। जातक की कलम में तलवार से ज्यादा ताकत होगी। जातक की शाली हर लिहाज़ से सहयोगी सिद्ध होगी। यदि चन्द्रमा पहले भाव में स्थित हो तो विदेश यात्रा लाभकारी रहेगी। तीसरे भाव में स्थित शनि ससुराल वालों को अमीर बनाता है।

सातवें घर मे बुध के उपाय (Remedies for Mercury in Seventh House)

  • साझेदारी के व्यापार से बचें।
  • सट्टेबाजी से बचें।
  • खराब चरित्र वाली साली से सम्बन्ध न रखें।

बुध अष्ठम भाव (आठवें घर) में (बुध खाना नंबर 8)
Mercury in Eighth (8th) House

आठवें घर में स्थित बुध बहुत बुरे प्रभाव देता है। लेकिन यदि इसके साथ कोई पुरुष ग्रह बैठा तो बुध अपने साथ बैठे ग्रह के फलों को और अच्छा करेगा।जातक एक कठिन जीवन जीता है, रोगों से पीड़ित रहता है और 32 से 34 साल उम्र के दौरान उसकी आमदनी आधी हो जाती है। यदि दूसरे भाव में कोई ग्रह हों तो परिणाम और अधिक हानिकारक होते हैं। यदि राहु भी इसी घर में हो तो जातक को जेल जाना पड सकता है, अस्पताल में भर्ती होना पड सकता है या जगह जगह भटकना पड सकता है। परिणाम और भी बुरा होता है यदि मंगल भी यहीं बैठा हो। यहां का बुध सरकारी विवाद पैदा करवाता है। साथ ही रक्त विकार, नेत्र विकार, दांत और नस में दर्द साथ की साथ व्यापार में भारी नुकसान देता है।

आठवें घर मे बुध के उपाय (Remedies for Mercury in Eighth House)

  • किसी मिट्टी के बर्तन में शहद भरकर यह श्मशान या सुनसान क्षेत्र में दफनाएँ।
  • किसी कंटेनर में दूध अथवा बारिश का पानी भरकर घर की छत पर रखें।
  • अपनी बेटी की नाक में बाली पहनाएं।

बुध नवम भाव (नौवें घर) में (बुध खाना नंबर 9)
Mercury in Ninth (9th) House

नौवें घर में भी बुध बहुत बुरा प्रभाव देता है क्योकि यह बृहस्पति का घर होता है और बुध उसका शत्रु ग्रह है। यह लगातार मानसिक बेचैनी और विभिन्न प्रकार की मानहानि का कारण बनता है। यदि चंद्रमा केतु, और बृहस्पति 1, 3, 6, 7, 9 और 11 घरों में हों तो, बुध अधिक फायदेमंद परिणाम नहीं देता।

नौवें घर मे बुध के उपाय (Remedies for Mercury in Ninth House)

  • हरे रंग के प्रयोग से बचें।
  • अपनी नाक छिदवायें।
  • किसी मिट्टी के बर्तन में मशरूम भरकर धार्मिक जगह दान करें।
  • किसी साधु या फ़कीर से कोई ताबीज़ न लें।

बुध दशम भाव (दसवें घर) में (बुध खाना नंबर 10)
Mercury in Tenth (10th) House

दसम भाव का बृहस्पति सरकार की ओर से सहयोग प्रदान करता है। आजीविका के अच्छे साधन देता है। जातक को अपना काम हर तरह से करना आता है। किसी शेरमुखी घर में व्यापार करना जातक के लिए अच्छा रहेगा लेकिन ऐसे घर में निवास करना विनाशकारी होगा।

दसवें घर मे बुध के उपाय (Remedies for Mercury in Tenth House)

  • शराब, मांस, अंडे और बहुत अधिक भोजन खाने से बचें।
  • चावल और दूध धार्मिक स्थानों में दान करें।

बुध एकादश भाव (ग्यारहवें घर) में (बुध खाना नंबर 11)
Mercury in Eleventh (11th) House

बुध इस घर में बुरा परिणाम देता है क्योंकि यह घर बृहस्पति का है और इनकी आपस में शत्रुता है। 34 की उम्र में जातक कोई बहुत बडा मूर्खता का काम करता है। यहां बुध धन की हानि, मानसिक शांति की हानि और प्रतिष्ठा के नुकसान का कारण बनता है। यहां तक कि जातक की कड़ी मेहनत को भी सम्मानित नहीं किया जाता। लेकिन जातक के बच्चे अच्छी तरह से शिक्षित होते हैं और उनका विवाह बहुत अमीर और कुलीन परिवारों में होता है।

ग्यारहवें घर मे बुध के उपाय (Remedies for Mercury in Eleventh House)

  • गर्दन में किसी सफेद धागे या चांदी की चेन में तांबे का गोल सिक्का पहनें।
  • अपने घर में विधवा बहन या बुआ को न रखें।
  • हरे रंग और पन्ना रत्न से बचें।
  • साधु या फ़कीर की दी हुई ताबीज़ न लें।

बुध द्वादश भाव (बारहवें घर) में (बुध खाना नंबर 12)
Mercury in Twelfth (12th) House

यहां पर स्थित बुध जातक की रातों की नीद खराब करता है और कई तरह की परेशानियों का कारण बनता है। जातक मन की शांति खो देता है और अक्सर सिर दर्द से पीड़ित रहता है। जातक दीर्घायु होता है लेकिन बीमार रहता है। लेकिन यदि बुध इस घर में शनि के साथ हो तो बहुत अच्छे परिणाम मिलते हैं। इस भाव में शनि, सूर्य और बुध साथ होने पर भी अच्छे परिणाम मिलते हैं। यदि जातक की बेटियां, बहन, बुआ और भतीजी जातक के साथ उसके घर में रहती हैं तो दुखी रहती हैं। ऐसा जातक आम तौर पर आत्म प्रशंसक और चिड़चिडे स्वभाव का होता है। यदि उसके दिमाग में सही या गलत कोई भी बात घर कर गई है तो वह उसी को हर तरह से सही मानेगा। यदि ऐसा जातक शराब पीने लगता है तो वह घमंडी हो जाता है। व्यापारिक जुआ या सट्टेबाजी जातक के लिए हानिकारक साबित होगी। 25 वें वर्ष में विवाह जातक की पत्नी और पिता के लिए हानिकारक साबित होगा।

बारहवें घर मे बुध के उपाय (Remedies for Mercury in Twelfth House)

  • नदी में एक नया खाली घड़ा फेंकें।
  • स्टेनलेस स्टील की एक अंगूठी पहनें।
  • केसर का तिलक लगाएं और धार्मिक स्थानों पर जाएँ।
  • किसी भी नए या महत्वपूर्ण काम को शुरू करने से पहले किसी अन्य व्यक्ति की सलाह लें।

अन्य सभी ग्रहों के लिए लाल किताब के अनुसार कुंडली के सभी भावों मे प्रभाव एवं उपाय जानने के लिए निम्न लेख पढे।

  1. Lal Kitab Remedies for Sun in Hindi (लाल किताब के अनुसार सूर्य के सभी भावों में उपाय)
  2. Lal Kitab Remedies for Moon in Hindi (लाल किताब के अनुसार चंद्रमा के सभी भावों में उपाय)
  3. Lal Kitab Remedies for Mars in Hindi (लाल किताब के अनुसार मंगल के सभी भावों में उपाय)
  4. Lal Kitab Remedies for Jupiter in Hindi (लाल किताब के अनुसार गुरु के सभी भावों में उपाय)
  5. Lal Kitab Remedies for Venus in Hindi (लाल किताब के अनुसार शुक्र के सभी भावों में उपाय)
  6. Lal Kitab Remedies for Saturn in Hindi (लाल किताब के अनुसार शनि के सभी भावों में उपाय)
  7. Lal Kitab Remedies for Rahu in Hindi (लाल किताब के अनुसार राहु के सभी भावों में उपाय)
  8. Lal Kitab Remedies for Ketu in Hindi (लाल किताब के अनुसार केतु के सभी भावों में उपाय)