Home Astrologer Consultant गूगल पर ज्‍योतिष के अटपटे सवाल और उनके जवाब

गूगल पर ज्‍योतिष के अटपटे सवाल और उनके जवाब

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astrologer experience ज्ञान है, अंतर्ज्ञान है, पर अनुभव की परिपक्‍वता?

एक सर्वे के अनुसार गूगल पर जिज्ञासु लोगों द्वारा ज्‍योतिष के संबंध में बहुत से सवाल पूछे जाते हैं। अब गूगल खुद तो किसी प्रश्‍न का उत्‍तर जानता नहीं, इंटरनेट पर कहीं भी सवाल का जवाब लिखा हो तो वह जवाब बहुत सटीक तरीके से आपके सामने लाकर रख देता है। लेकिन ऐसे बहुत से सवाल ऐसे होते हैं जिनका ज्‍योतिष से भले ही सीधा संबंध न हो, लेकिन लोग गूगल से उनके बारे ज्‍योतिष विषय के तहत पूछते रहते हैं। ऐसे ही कई सवाल मेरे हाथ लगे हैं, इन्‍हें मैंने कंपाइल किया है। जवाब देने का प्रयास भी कर रहा हूं, लेकिन यह उत्‍तर मेरी जानकारी और सीमा के भीतर ही हैं।

क्या तांत्रिक ज्योतिष नारायण दत्त श्रीमाली के घर 1981 या 1982 की गुरुपूर्णिमा पर आयकर छापा पड़ा था?

इसके बारे में कोई आधिकारिक सूचना तो नहीं है, बहुत साल से इस बारे में अफवाहें उड़ती रही हैं। बहुत बार इनकम टैक्‍स विभाग भी स्‍क्रूटनी के तहत कई खातों, कंपनियों और लोगों को जांच के दायरे में लेता रहता है। ऐसे में अगर किसी ज्‍योतिषी का नंबर भी इसमें लग जाता है तो कोई आश्‍चर्य की बात नहीं।

१०० प्रकार के इंदिरा मै ज्योतिष जाति के कितने मंदिर आते है?

ज्‍योतिष अपने आप में कोई जाति नहीं होती है। संभवत: प्रश्‍नकर्ता सौ प्रकार के मंदिरों में ज्‍योतिष जाति के मंदिर पूछ रहा होगा, लेकिन ऐसा कोई मंदिर नहीं होता है।

राजा दशरथ के कुल गुरु वशिष्ठ की ज्योतिष गणना मुहूर्त का राम के वैवाहिक जीवन पर प्रभाव

ऐसी गणना कहीं लिखित में उपलब्‍ध नहीं है। ऐसा माना जा सकता है कि कुलगुरू होने के कारण गुरू वशिष्ठ ने प्रभु श्रीराम और जानकी की कुण्‍डली का मिलान किया होगा। ज्‍योतिष पुस्‍तकों में भी भगवान श्रीराम की कुण्‍डली का उल्‍लेख तो मिलता है, लेकिन कहीं भी माता जानकी की कुण्‍डली नहीं मिलती है।

कुली क्या है ज्योतिष में?

चूंकि भृत्‍य और सेवा का काम शनि के अधिकार में बताया गया है, ऐसे में मान सकते हैं कि कुली ज्‍योतिष के अनुसार शनि का जातक है।

क्या श्रेया सुरेंद्र की शादी ठीक रहेगा ज्योतिष के अनुसार?

यह श्रेया और सुरेन्‍द्र की कुण्‍डलियों के मेलापक से ही पता चल सकता है, नाम से कुण्‍डली मिलान नहीं होता है, इसके लिए वर और वधु के बर्थ डिटेल चाहिए होते हैं।

मृत्युंजय विवेक तथागत सिंह के नाम का अंक ज्योतिष के अनुसार क्या मतलब होता है इस नाम के लोगों का भाग्य कैसा रहेगा विस्तार से बतायें?

पिछले कुछ सालों से नाम के साथ भाग्‍य को जोड़ने और नाम के हिज्‍जे बदलने पर भाग्‍य बदलने का मिथक गढ़ा जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है। परंपरागत भारतीय ज्‍योतिष के अनुसार जन्‍म समय में जो ग्रह स्थिर होते हैं, उसी के अनुसार कुण्‍डली विश्‍लेषण किया जाता है। अगर नाम से भाग्‍य बदलते तो दुनिया में सभी के नाम रामचंद्र अथवा श्रीकृष्‍ण ही हो जाते।

घर में बारबार झगड़े होते हैं तो ज्योतिष शास्त्र क्या कहता है?

परिवार के सभी सदस्‍यों के बारे में ज्‍योतिष कुछ नहीं कहता है। इसके लिए आपको घर के वास्‍तु पर ध्‍यान देना चाहिए। ज्‍योतिष नितांत व्‍यक्तिगत विषयों पर स्‍पष्‍ट बता सकती है, पूरे परिवार की कोई कुण्‍डली नहीं होती।

बच्चे का हाथ व पैर के अंगूठे को चूसना ज्योतिष में

बालसुलभ क्रियाओं को ज्‍योतिष में संकेत के रूप में नहीं देखा जाता। ज्‍योतिषीय संकेतों के लिए असामान्‍य प्रश्‍न पर साधारण गतिविधि और सामान्‍य प्रश्‍न पर असामान्‍य गतिविधि पर तत्‍काल गौर किया जाता है, यह संकेत भी प्रश्‍न कुण्‍डली में अधिक उपयोगी होते हैं। सामान्‍य कुण्‍डली विश्‍लेषण अथवा अंग लक्षण में इनका उपयोग नहीं होता।

कौन जीतेगा भारत बनाम न्यूजीलैंड सेमीफाइनल ज्योतिष शास्त्र के अनुसार?

सट्टे के लिए गूगल पर सर्च करने से परिणाम नहीं मिलता। कोई भी ज्‍योतिषी रोजाना मैच का परिणाम निकालकर गूगल पर नहीं रख देता। इसके लिए आपको सक्षम ज्‍योतिषी से संपर्क कर लाइव सेवा लेनी चाहिए।

पानी चुराने ज्योतिष के अनुसार क्या फल होता है?

चौर्य कर्म का फल शास्‍त्रों के अनुसार ही होता है, ज्‍योतिष कर्म का लेखा जोखा बताती है, लेकिन यह तत्‍काल कर्म से जुड़ी घटनाओं पर नहीं बता सकती।

हवा महल के सामने ज्योतिष संडे को खुला या बंद होगा

यह आपको हवा महल के सामने बैठने वाले ज्‍योतिषी को ही पूछना पड़ेगा।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बाज़ के बच्चे का तकिये पर बैठ जाना

यह शकुन शास्‍त्र का भाग है। इसके भी सैकड़ों आयाम हो सकते हैं। बाज का बच्‍चा तकिए पर कब बैठा, किस दिशा से आकर बैठा, किस ओर मुंह करके बैठा और ऐसे ही सैकड़ों आयाम। और हर बार प्रश्‍न का उत्‍तर बदल जाएगा। शकुन का इस्‍तेमाल इस प्रकार नहीं किया जा सकता।

ज्योतिष का अध्ययन करना चाहते हैं साथ ही ज्योतिष शास्त्र की प्रामाणिकता के सम्बन्ध में पुष्टि भी चाहते हैं

यह कुछ कुछ ऐसी ही बात है कि रोग भी ठीक करना है चिकित्‍सक भी बनना है। आप एक बार में एक ही काम कर सकते हैं। हां, अपने मन के संतोष के लिए ज्‍योतिषी से कुण्‍डली के प्राथमिक विश्‍लेषण का आग्रह कर सकते हैं, लेकिन इससे भी पुष्टि हो जाए, इसमें संदेह है।

क्या कुंडली देखने का ज्योतिष जानना किसी किसी के लिए हानिकारक भी हो सकता है क्या?

अगर रसोई में पड़ा चाकू इस्‍तेमाल करने का तरीका न आता हो तो भी नुकसान हो सकता है। कोई भी विषय श्रेष्‍ठता और सफलता के लिए केवल टूल होता है। अब उसका इस्‍तेमाल कैसे किया जा रहा है, यह उपयोगकर्ता पर ही निर्भर होता है।